
लखनऊ 24 अक्टूबर : राजधानी लखनऊ के कुल 405 सड़कों को चमकाने के लिए नगर आयुक्त की अध्यक्षता में 15 वित्त की बैठक में मंजूरी दी गई। जिसके तहत राजधानी लखनऊ में टूटे-फूटे कुल 405 सड़कों को नगर निगम ₹800000000 की लागत से सुधरेगा। राजधानी लखनऊ को गड्ढा मुक्त बनाने के प्रण के साथ एक एक सीढ़ी प्रशासन पार करता नजर आ रहा है। वहीं प्रशासन के इस पहल की प्रशंसा की जा रही है।
आगे बात करते हैं उन 12 प्रमुख सड़कों की जिसे प्रशासन ने 15 दिनों के भीतर ठीक करने के आदेश दिए हैं। जिसकी जानकारी आगे दी गई है।
लखनऊ के ये 12 सड़क होंगे चकाचक, देखें लिस्ट
1.विनीत खंड 2 मिनट सड़क नवीनीकरण का कार्य लागत 41.20 लाख
2.मौलवी गंज के कूड़ा घर से लेकर तेरी बाजार मोड़ तक सड़क निर्माण लागत 20 लाख
3.लाल कुआँ के विजयनगर से होते हुए टेढ़ी बाजार तक सड़क सुधारा जायेगा जिसकी कार्य लागत 2000000 होगी ।
4.नजरबाग बोर्ड में गलियों को सुधारने के लिए लागत 2000000
5.लाल कुआं वर्ड में पीसीएस बिल्डिंग से महाकालेश्वर मार्ग तक सड़क सुधार 2500000
6.गोखले विहार के सड़क सुधार, कार्य लागत : 28 लाख
7.महात्मा गांधी मोड में क्ले स्क्वायर सड़क सुधार: कार्य लागत 3500000
8.सुंदर बाग के सड़कों का सड़क सुधार 3600000
9.बाबू बनारसी दास कोर्ट एपी सेन रोड पर ठाकुर ट्रांसपोर्ट से लेकर रज्जू भैया भवन तक सड़क सुधार कार्यक्रम: कार्य लागत 4000000
10.गोमती नगर वार्ड के लक्षण पुरी विस्तार में सड़क नवीनीकरण का कार्य: लागत 22.50 लाख
11.विराम खंड 5 में राम भवन के सामने से मेन रोड पर डिवाइडर तक सड़क निर्माण : लागत 40.90 लाख
12.निशांतगंज में गली नंबर 2, 3, 4 का नवीनीकरण: लागत 60.20 लाख
टेंडर का कार्य शुरू

गौरतलब है की जल्द से जल्द इस कार्यक्रम को पूरा करने के लिए टेंडर निकले जा रहे हैं ।जिसके साथ ही काम को एक महीने के अंदर निपटान के आदेश भी निकाल दिए गए हैं । जिसे तहत योजनाएं निर्धारित कर की गई हैं। आपको बता दें की कुछ टेंडर शनिवार और रविवार को खोले गए वहीं 10 नवंबर तक सभी टेंडर को खोल दिया जाएगा।
नगर आयुक्त अजय द्विवेदी का बयान
गौरतलब है कि नगर आयुक्त अजय द्विवेदी जी के अनुसार जिस भी टेंडर की लागत 1000000 तक की है उसे 7 दिन में पूरा करने की दरकार होगी। जिससे कार्य को योजनाबद्ध तरीके से पूरा हो सके।
10 लाख के ऊपर का कार्य के लिए 15 दिन किए गए हैं निर्धारित
गौरतलब है की जिस कार्य की लागत दस लाख से ऊपर होगा उसे 15 दिन में पूरा करने की दरकार होगी।
नवंबर अंत तक गड्ढा मुक्त राजधानी का है संकल्प
गौरतलब है की नवंबर के अंत तक राजधानी को गड्ढा मुक्त करने के प्रयास की जाएगी। लागत के अनुसार टेंडर की समय सीमा तय की जाएगी और आला अधिकारियों को जिसके देखरेख की जिम्मेदारी दी गई है ।
नोट : आंकड़े जागरण अख़बार दवरा लिए गए हैं ।









