उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी ने किसानों, व्यापारियों एवं छोटे उपभोक्ताओं के लिए बड़ी विशेष योजना लेकर आ रहे हैं। जिसके तहत बिजली के बकाया राशि जमा करने की समाधान की योजनाएं जल्दी प्रदेश में तैयार हो जाएगी ,जिसके दिशा निर्देश दे दिए गए हैं। गौरतलब है बिजली बिल के लिए ओटीएस (OTS) स्कीम जल्द लागू किया जाएगा ।जहां इसे पूर्ण रूप से व्यवहारिक बनाया जाए इसके लिए योगी सरकार ने टीम के साथ बैठक करके पूर्व दिशा निर्देश दे दिया है।
आंकड़े देखें
आंकड़ों की भाषा में बात करें तो आपको बता दें कि प्रदेश में कुल 50,00000 लाख से अधिक उपभोक्ता हैं जिन्होंने कभी भी अपना बिल जमा नहीं किया। वहीं डेढ़ करोड़ घरेलू शहरी ग्रामीण छोटे उपभोक्ता श्रेणी में हैं जिनको इसका सीधा लाभ मिल सकता है । 20 लाख से अधिक व्यापारियों को इससे लाभ पहुंचेगा यह अनुमान लगाया जा रहा है।
ओटीएस स्कीम अर्थात वन टाइम सेटेलमेंट स्कीम

ओटीएस स्कीम अर्थात वन टाइम सेटेलमेंट स्कीम के तहत उपभोक्ताओं, किसानों, छोटे व्यापारियों के जो भी बकाए बिल की राशि है उसे एक टाइम पर कुछ पैसे लेकर सेटलमेंट करने की नियमावली तैयार की जा रही है ।जिससे लाखों उपभोक्ताओं को जरूर लाभ मिलेगा ।वही सरकार के राजस्व में भी बढ़ोतरी देखी जाएगी।
इस विषय में दिए गए कड़े निर्देश
गौरतलब है कि सीएम योगी आदित्यनाथ जी ने बिजली बिल में गलत बिल, ओवर बिलिंग, तकनीकी समस्याएं आदि ना हो इसके लिए भी दिशा निर्देश दिए हैं। जिसे किसी भी उपभोक्ता, व्यापारियों, किसानों को कष्ट का सामना ना करना पड़े या उसे फिर से बिजली घरों के चक्कर न लगाना पड़े ।प्रदेश सरकार द्वारा व्यापारियों, किसानों एवं उपभोक्ताओं के बिजली बिल बकाया के समाधान के लिए OTS लाए जाने पर लगभग दो करोड़ विद्युत उपभोक्ता को फायदा मिलेगा।
किसानों व्यापारियों एवं छोटे भावनाओं को मिलेगी राहत
गौरतलब है कि इस योजना से काफी लोग लाभान्वित होंगे ।वहीं कुछ लोग ऐसे भी हैं जो बिल का भुगतान करना चाहते हैं लेकिन तकनीकी खामियों और गलत बिल की वजह से वह बिल नहीं भर रहे हैं ।इन सभी उपभोक्ताओं को राहत मिलने वाली है ।उत्तर प्रदेश के विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश शर्मा ने यह कहा कि प्रदेश के छोटे व्यापारी, किसान, उपभोक्ता इसके समर्थन में कई बार उन्हें पत्र लिख चुके हैं ।वहीं सरकार का लिया गया कदम बेहद सराहनीय है ,इसे सफलतापूर्वक कार्यान्वित करना हमारा दायित्व हैं।










