उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में जहां अनलॉक की प्रक्रिया शुरू हो गई थी ।वही एक खतरनाक एवं चिंता जनक खबर सामने आ रही है ।यहां प्रशासन के लिए छूट का लोगों ने नाजायज फायदा उठाना शुरू कर दिया है ।इसकी वजह से 19 दिन से शांत पड़ी कोरोना वायरस के केस में एक बार फिर उछाल आया है ।
अब प्रशासन चिंता में है ।लोगों में एक बार फिर से संक्रमण का खतरा बढ़ने लग गया है ।लखनऊ में लोग मॉल एवं दुकानें खुलने के बाद बिना कोरोना प्रोटोकॉल का पालन किए हुए घूम रहे हैं। गौरतलब है कि प्रशासन ने पहले ने तीसरी लहर की चेतावनी पहले जारी कर दिया है ।आपको बता दें कि शुक्रवार को 18 लोग कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए , वही अब सक्रिय मरीज की संख्या 121 हो गई है। तीसरी लहर की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने टास्क फाॅर्स का गठन किया है ।
गौरतलब है कि आंकड़ों के लिहाज से इंदिरा नगर ,गोमती नगर, अलीगंज आशियाना में मरीज बढ़े हैं ।यह देखते हुए प्रशासन का रुख साफ है एवं प्रशासन अलर्ट में है ।राहत की बात यह है कि किसी की भी मृत्यु नहीं हुई है । लेकिन प्रशासन के आला अधिकारियों में चिंता जरूर बढ़ गई है ।तीसरी लहर का अंदेशा देखते हुए जहां बच्चों को अधिक संवेदनशील बताते हुए सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने के लिए कहा गया है,वह इसी बीच ब्लैक फंगस का प्रकोप बढ़ गया है शुक्रवार को आए मरीजों में एक की मौत हुई है।
प्रशासन ने तीसरी लहर का अंदेशा देखते हुए चिकित्सा सुविधाओं को चाक-चौबंद तैयारी करने का पहले निर्णय ले लिया है ।वही कोरोना के लिए पहले से एक गाइडलाइन को तय कर दिया है ।प्रोटोकॉल के अनुरूप मेडिकल कीटस, चिकित्सा उपकरणों की उपलब्धता आदि डेटा का भी पूरा ध्यान रखा जा रहा है ।लखनऊ वासियों से प्रशासन बस यही अपील करता है कि कोरोना प्रोटोकॉल का नियम का ध्यान रखें जिससे आने वाले समय में तीसरी लहर से बचा जा सके।










