लखनऊ: साइबर बैंक फ्रॉड से पीड़ित को अब् बैंक और पुलिस चौकी की चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। महज एक कॉल से आप अपने मेहनत की कमाई को बचा पाएगें।
आये दिन आजकल लोग साइबर क्राइम का शिकार हो रहे हैं और फिर उन्हें अपने ही पैसे की वापसी के लिए पुलिस चौकी और बैंक के चक्कर काटने पर मजबूर होना पड़ता था लेकिन योगी आदित्यनाथ की सरकार ने साइबर क्राइम पर शिकंजा कसने के लिए मास्टर प्लान बना लिया है।
हेल्पलाइन नंबर
#helpline No.155260 : Be aware and Be #CyberSafe pic.twitter.com/OxPOx39AaT
— Cyber Dost (@Cyberdost) June 18, 2021
पीड़ित व्यक्ति को उस खाते का विवरण उपलब्ध करा दिया जाएगा और अपने बैंक मैनेजर से मिलकर पीड़ित अपने पैसे वापसी अपने बैंक में क्रेडिट करवा पायेगा।
अगर किसी के साथ भी साइबर क्राइम की ठगी होती है तो उसे प्रदेश द्वरा जारी हेल्प लाइन नंबर 155260 पर कॉल करना होगा।
यूपी पुलिस की साइबर क्राइम ने राष्ट्रीय हेल्प लाइन नंबर 155260 को अब आपात सेवा 112 से जोड़ दिया है।
जानिए कैसे एक कॉल बचा सकता है आपकी गाढ़ी कमाई
अगर आपसे कोई भी साइबर ठगी की जाती है तो इस रकम को जिस बैंक के खाते में भेजी गई है उस खाते को फ्रिज कर देगी। जिससे पैसे निकल ना पाए। पीड़ित उस पैसे को अपने बैंक के माध्यम से फिर से अपने अकाउंट में वापिस ला सकता है।
ऐसे स्थिति में पैसे मिलने होंगे मुश्किल
लेकिन अगर उस ठगी की गई रकम कैश के रूप में तुरंत एटीएम से निकाल लिया गया और अकाउंट को फेक ID से खोला गया हो तो उस उसे वापस हासिल नहीं किया जा सकेगा।
एडीजी साइबर क्राइम राम कुमार ने जानिए क्या कहा
एडीजी साइबर क्राइम राम कुमार के मुताबिक केंद्र सरकार की योजना सिटीजन फाइनेंशियल्स रोड रिर्पोटिंग सिस्टम के तहत जारी की गई हेल्पलाइन 15520 को प्रदेश में 112 नंबर से जोड़ दिया गया है।
| 1 | यदि किसी भी व्यक्ति के साथ ठगी होती है तो वह 24 घंटे के अंतराल में हेल्पलाइन नंबर को सूचित करना अनिवार्य होगा । |
| 2 | वह हेल्पलाइन नंबर कॉल सीधी 112 नंबर से जुड़ जाएगी और टेलीकॉलर आपका फोन रिसीव करेगा। |
| 3 | ठगी की जानकारी लेने तथा उसकी पुष्टि करने के बाद उसका ब्यौरा टेलिकॉलर तत्काल साइबर पोर्टल में फीड कर देगा। |
| 4 | टेलीकॉलर उपलब्ध साइबर फर्म में दर्ज करा देगा। फॉर्म को भरते हैं उस बैंक में नोटिफिकेशन पहुंच जाएगा। |
| 5 | जिसके बैंक खाते में ठगी की रकम पहुंचाई गई है, बैंक के नोडल अधिकारी अलर्ट पानी के बाद सम्बंधित खाते में रकम को फ्रीज कर देंगे । |
| 6 | उस पैसे को कोई निकाल नहीं पाएगा ,गौरतलब है कि डॉक्यूमेंट सही देने के बाद एक बैंक उस पैसे को दूसरे बैंक के चिन्हित खाते में पैसा भेज सकता है। |
| 7 | इसी तरह अगर पेटीएम, फोन पे अथवा किसी अन्य ऐप्प से पैसे की हेरा फेरी होती है तो भी उस खाते को फ्रीज कर दिया जा सकेगा। |
| 8 | पीड़ित व्यक्ति को उस खाते का विवरण उपलब्ध करा दिया जाएगा और अपने बैंक मैनेजर से मिलकर पीड़ित अपने पैसे वापसी अपने बैंक में क्रेडिट करवा पायेगा। |
ई-सिम पंजीकरण धोखाधड़ी
ई-सिम पंजीकरण धोखाधड़ी से सावधान रहें। ई-सिम पंजीकरण के लिए पूछने वाले किसी भी अज्ञात कॉलर को किसी भी व्यक्तिगत जानकारी का खुलासा न करें। ई-सिम पंजीकरण के लिए, सत्यापित वेबसाइट या संबंधित दूरसंचार ऑपरेटरों के अधिकृत आउटलेट पर जाएं।
अपेक्षित या अप्रत्याशित कैशबैक या इनाम के उद्देश्य से फोन कॉल पर किसी भी ऐप को इंस्टॉल करने या किसी अज्ञात व्यक्ति के मार्गदर्शन का पालन करने से हमेशा बचना चाहिए। इससे वित्तीय धोखाधड़ी/धन की अनधिकृत डेबिट हो सकती है।










