
लखनऊ 27 अगस्त : उत्तर प्रदेश योगी सरकार ओडीओपी प्रोजेक्ट “एक जिला एक उत्पाद” अब विश्व की सबसे बड़ी ई कॉमर्स कंपनी अमेजॉन, फ्लिपकार्ट, स्नैपडील आदि को टक्कर देने की तैयार में है। उत्तर प्रदेश का मेगा प्रोजेक्ट ओडीओपी अपना इकॉमर्स प्लेटफॉर्म जल्दी लॉन्च करने वाला है। जिसके तहत उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों के बेहतरीन उत्पाद डिजिटल प्लेटफॉर्म द्वारा भारत के सभी राज्य समेत विश्व में भी पहुंचेंगे। जहां उत्तरप्रदेश के कारीगरों का समान की धूम पूरे विश्व में गूंजेगी।
दुनिया में बढ़ते डिजिटलाइजेशन के तहत यूपी सरकार का बेहतरीन कदम

विश्व में बढ़ते डिजिटलाइजेशन एवं ऑनलाइन कारोबार को देखते हुए यह यूपी सरकार का एक बेहतरीन कदम है। जहां योगी आदित्यनाथ के निर्देशानुसार यूपी के जनपदों के उत्पादों को एक नया डिजिटल प्लेटफॉर्म के रूप में बाजार मिले इसके लिए एक जिला एक उत्पाद ओडीओपी के लिए पहला समर्पित प्लेटफार्म बनाया जा रहा है।
बिना GST रजिस्ट्रेशन वाला कारोबारी भी किया जाएगा शामिल

योगी सरकार की इस बेहतरीन पहल के अंतर्गत इकॉमर्स प्लेटफॉर्म पर कोई भी जीएसटी रजिस्ट्रेशन करने वाला व्यापारी कारोबारी अपने प्रोडक्ट को बेज पाएगा सरकार उन लोगों के लिए भी एक अच्छा विकल्प लाने की कोशिश कर रही है जिनके पास जीएसटी रजिस्ट्रेशन नहीं है रजिस्ट्रेशन कर मौका मिलेगा जहां प्लेटफार्म पर अपने उत्पादों को पेश पाएंगे एवं अच्छा मुनाफा कमा पाएंगे ।
ऑनलाइन कारोबार
आपको बता दें उत्तर प्रदेश के मेगा प्रोजेक्ट एक जिला एक उत्पाद ऑडियो पी के तहत ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से खरीद होने पर बंदरों को सीधा मैसेज भेजा जाता है एवं हेल्पलाइन के माध्यम से जरूरी बातें मुहैया कराई जाती है इसके बाद संबंधित वेंडर से उत्पाद लेकर लॉजिस्टिक पार्टनर कहां तक पहुंचाते हैं।
विश्वसनीयता की गारंटी

गौरतलब है कि इससे उपभोक्ता अपने प्रांत अपने जनपद से जुड़ा रहेगा वहीं मेक इन इंडिया का कॉन्सेप्ट भी सार्थक होगा । वहीं उपभोक्ताओं को यह पता रहता कि उत्तर प्रदेश के किस जनपद से उन्होंने सामान को खरीदा है जिसकी सौ फीसदी गारंटी होती है। जल्द ही ओडोपी का ऐप भी लॉन्च किया जाएगा। जिसे करोड़ों लोगों तक उत्तरप्रदेश में बना प्रोडक्ट बेचा जा सके।
फ्लिपकार्ट और अमेजन में कर चुके हैं 20 करोड़ से अधिक का व्यवसाय
गौरतलब है की अपनी कोई ऐप नहीं होने की वजह से लोकल वेंडर शिल्पकार ने फ्लिपकार्ट और अमेजन में एनरोल किया है और कुल 20 करोड़ से अधिक मुनाफा कमा चुके हैं। वहीं डेडीकेटेड प्लेटफॉर्म आने के बाद उत्तरप्रदेश के सभी शिल्पकार तथा कारीगर आसानी से अपने उत्पादों को अनलाइक बेच पाएंगे । इससे फ्लिपकार्ट अमेजन जैसे कंपनी को टक्कर दे पाएगा यह ऐप।
हस्तनिर्मित उत्पादों का कोई जोड़ नहीं
यूपी के हर जनपद में उत्पाद बेहद गजब के हैं। जहां हाल में ही उत्तर प्रदेश के जनपद में हाथ से निर्मित उत्पाद दिल्ली हाट में बेचे जा रहे हैं ।जहां दिल्ली हाट में 15 सितंबर तक सुबह के 11:00 से रात्रि 9:00 तक प्रदर्शनी जारी है।
उत्तर प्रदेश के जनपदों में बन रहे हैं हस्त निर्मित पारंपरिक उत्पाद

गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों में एक से एक पारंपरिक शैली के हर्ष निर्मित उत्पाद बन रहे हैं ।जिसमें बुलंदशहर के सिरामिक वर्क, वाराणसी की गुलाबी मीनाकारी की चांदी की कफलिंग , फर्रुखाबाद की पीतल व लकड़ी की बनी पेंटिंग ( यह उत्पाद अमेरिका ब्राजील एवं एशियाई व यूरोपीय देशों में काफी मंगवाए जाते हैं), भदोही के कालीन ,लखनऊ की चिकनकारी और जरीदर्दोजी, शाहजहांपुर जनपद के धातुओं के धागों से कढ़ाई, मुरादाबाद के धातु शिल्प उद्योग, अपशिष्ट कागज व कपड़े से बने ‘हस्तनिर्मित कागज’ जालौन जनपद की मशहूर है।
ODOP के तहत उद्यमी को कुल 760 करोड़ आवंटित कर दिया गया है ।जिसमें 5565 कारीगर व इकाई लाभान्वित हुए हैं। वही 70,000 से अधिक लोगों को रोजगार भी मिले हैं।









