
लखनऊ 15 जनवरी: ठंड कोहरा और संक्रामण के बढ़ते मामले को देखते हुए यात्री कम सफर कर रहे हैं। वहीं रेलवे के साथ बस स्टेशनों पर भी भीड़ के साथ यात्री कम देखे जा रहे हैं। वहीं आपको बता दें की लोग अभी सफर करने से परहेज कर रहे हैं। वहीं यूपीएसआरटी के कई बसों में कम मुसाफिर होने से बस को संचालित नही किया जा रहा है वहीं उन बसों के मुसाफिरों को दूसरे बसों में शिफ्ट करवाकर उनके गंतव्य तक भेजा जा रहा है। वहीं परिवहन निगम ने बड़ा निर्णय लिया है जहां लखनऊ से निकलने वाली नॉन स्टॉप बसों को रोका नहीं जायेगा लेकिन बसों के स्टॉपेज को बढ़ाया जाएगा जिस की यात्रियों की संख्या अधिक बसों में की जाए बस खाली ना जाए। वहीं इससे परिवहन निगम को नुकसान भी नहीं पहुंचेगा वहीं लोगों को भी अधिक स्टॉपेज के साथ apne गंतव्य तक पहुंचने में आसानी होगी।
इन 9 शहरों के लिए लखनऊ से चल रहीं हैं बसें
कानपुर
वाराणसी
प्रयागराज
झांसी
लखीमपुर
सुल्तानपुर
हरदोई
गोरखपुर
अयोध्या
बलरामपुर
इन यात्रियों को होगा सर्वाधिक लाभ

, लखनऊ से सटे आंचलिक ग्रामीण इलाकों के लोगों को इससे सर्वाधिक फायदा होगा जहां पर इन रूटों के स्टॉपेज नहीं है लेकिन अब बस उन जगहों पर भी रुकेंगे जहां से यात्री आगे की सफर करना चाहेंगे वही यह निर्देश सभी संचालक एवं परिचालक को क्षेत्रीय प्रबंधक पल्लव बोस द्वारा दिया गया जहां पर यह साफ हो गया कि हर स्टॉपेज पर रोक कर यात्रियों को बसों में जगह दी जाए इससे रोडवेज के राजस्व में बढ़ोतरी होगी वही आंचलिक जो हो पर रहने वाले लोगों को भी इससे अच्छा खासा फायदा होगा।
चंडीगढ़ और काठगोदाम के लिए डायरेक्ट बसें Lucknow to Kathgodam bus UPSRTC)
गौरतलब है की चंडीगढ़ और काठगोदाम के लिए लखनऊ से रोजाना बस चलाई जा रहीं हैं। जहां इस बस का संचालन कैसरबाग से किया जा रहा है।
| 1 | लखनऊ से चंडीगढ़ ( हरिद्वार , सहारनपुर , अम्बाला होते हुए ) | 17.30 प्रतिदिन |
| 2 | लखनऊ से काठगोदाम ( रुद्रपुर , बरेली होते हुए ) | 23.15 प्रतिदिन |
यूपीएसआरटीसी की निर्धारित होती हैं रूट और स्टॉपेज
गौरतलब है की यूपीएसआरटीसी की बसों के रूट निर्धारित और पहले से सुनियोजित होती हैं वहीं अब छोटे छोटे स्टॉपेज को भी चिन्हित कर वहां भी बसों को रोककर सीटों के आधार पर यात्रियों को जगह दी जाएगी। जनरथ बस 3*2 और 3*3 वातानुकूलित बसों में इस निर्देश का अनुपालन किया जायेगा। वहीं लंबी दूसरी की बसों के रूटों के बीच कई जगहों को चिन्हित कर यात्रियों को बसों में बिठाया जायेगा। इस यात्रियों भी ठंड में आसानी से सुलभता से यात्रा कर पाएंगे। वहीं राजस्व में भी कोई नुकसान नहीं पहुंचेगा।









