उत्तरप्रदेश के विधानसभा 2022 चुनाव से पहले सभी पार्टी अपनी संरचना को मौजबूती देने में लग गए है। बीजेपी ने भी अपनी तैयारियां अभी से प्रारंभ कर दी हैं। इन सब के बीच वाद-विवाद का भी मौहाल गर्म है। हाल में ही बहुजन समाज पार्टी (BSP) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती भी दूसरी पार्टियों पर काफी आक्रमक हुई हैं।
पिछले कुछ दिनों में बहुजन समाज पार्टी (BSP) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने जहाँ एक ओर बीजेपी को कोंग्रेस की गलती ना दोहराने की नसीहत दे डाली ।वहीँ दूसरी ओर आज समाजवादी पार्टी पर तंज कर कह दिया की क्यों कोई पार्टी समाजवादी पार्टी के साथ नहीं हाथ मिलाता नज़र आ रहा है। सियासी गर्मी अभी से ही काफी तेज़ हो गयी हैं। जहाँ आरोप प्रत्यारोप का सिलसिला जारी है।
मायावती ने जानिए क्या कहा :
1. समाजवादी पार्टी की घोर स्वार्थी, संकीर्ण व ख़ासकर दलित विरोधी सोच एवं कार्यशैली आदि के कड़वे अनुभवों तथा इसकी भुक्तभोगी होने के कारण देश की अधिकतर बड़ी व प्रमुख पार्टियाँ चुनाव में इनसे किनारा करना ही ज़्यादा बेहतर समझती हैं, जो सर्वविदित है। 1/2
— Mayawati (@Mayawati) July 2, 2021
1. समाजवादी पार्टी की घोर स्वार्थी, संकीर्ण व ख़ासकर दलित विरोधी सोच एवं कार्यशैली आदि के कड़वे अनुभवों तथा इसकी भुक्तभोगी होने के कारण देश की अधिकतर बड़ी व प्रमुख पार्टियाँ चुनाव में इनसे किनारा करना ही ज़्यादा बेहतर समझती हैं, जो सर्वविदित है।
2. इसीलिए आगामी यूपी विधानसभा आमचुनाव अब यह पार्टी किसी भी बड़ी पार्टी के साथ नहीं बल्कि छोटी पार्टियों के गठबंधन के सहारे ही लड़ेगी। ऐसा कहना व करना सपा की महालाचारी नहीं है तो और क्या है? 2/2
— Mayawati (@Mayawati) July 2, 2021
बहुजन समाज पार्टी (BSP) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती का मानना है कि यूपी में जब समाजवादी सरकार रही तो वह दलित विरोधी रही और जिसकी वजह से लोगो का विश्वास उनपर से उठ चुका है।










