
लखनऊ 23 अक्टूबर :आज हम आपके सामने एक ऐसा सच प्रस्तुत करने वाले हैं जिसे शायद आपने कभी सुना या पढ़ा होगा ।जी हां आज हम बात करेंगे लखनऊ के परिवहन विभाग के बस परिचालक की जिसे हम सामान्य भाषा में बस कंडक्टर भी कहते हैं। आज जानेंगे कि आपका केवल ₹5 का ना लिया गया टिकट किस तरह से एक बस कंडक्टर की निजी जीवन को खराब कर सकता है ।आशा करते हैं कि इस खबर के बाद हम सभी लखनऊ वासी जागरूक होंगे और एक प्रण लेंगे कि हमारी वजह से किसी गरीब, आर्थिक रूप से कमजोर परिचालक की नौकरी पर आंच ना आये ना ही उसे जुर्माना देना पड़े ।
जाबिर अली ने बयान की सच्चाई: टिकट ना लेना पर बस कंडक्टर को भरना पड़ता है 10 गुना जुर्माना
लखनऊ रोडवेज के 801 रुट पर कार्यरत जाबिर अली बड़ी निष्ठा के साथ अपना कार्य बतौर परिचालक कर रहे हैं। उनके अनुसार कभी-कभी कुछ लोग मस्ती में लखनऊ के रोडवेज बस में सफर करते हुए टिकट नहीं लेते हैं ।वही कभी जानकर तो कभी अनजाने में लोगों से गलती हो जाती है ।लेकिन इसका भुगतान बस कंडक्टर को करना पड़ता है ।

सामान्य भाषा में समझें तो अगर आपने टिकट ₹5 का टिकट नहीं लिया है और वही अगले स्टॉपेज पर बस की चेकिंग हो जाती है और आप बिना टिकट के पाए जाते हैं तो आला अधिकारी बस कंडक्टर प
र आपके टिकट का 10 गुना जुर्माना करते हैं ।इसके साथ ही दिन के खत्म होने पर उस जुर्माने राशि को परिवहन विभाग में परिचालकों को चुकाना पड़ता है।
एक दिन में अधिकारियों द्वारा 4 बीना टिकट के यात्री पकड़े गए तो जा सकती है बस कंडक्टर की नौकरी
लखनऊ के रोडवेज बसों पर अक्सर हमने देखा है कि सैकड़ों की भीड़ बसों से उतरती और चढ़ ती रहती है ।इसमें से कंडक्टर को सभी को देख पाना काफी मुश्किल है। कुछ लोग लंबी दूरी के लिए चढ़ते हैं कुछ लोग बेहद कम दूरी की यात्रा के लिए चढ़ते है ऐसे में कुछ लोग बिना टिकट लिए उतर जाते हैं ।
बस कंडक्टर के लाख बोलने के बावजूद वह यह नहीं कहते कि उनके पास टिकट नहीं है ऐसे में आला अधिकारियों द्वारा अगर 1 दिन में चार बिना टिकट वाले यात्रियों को पकड़ा जाता है तो ऐसी स्थिति में कंडक्टर को अपनी नौकरी से हाथ धोना पड़ता है।

आप सोच सकते हैं कि एक व्यक्ति अपने परिवार के भरण-पोषण के लिए नौकरी करता है और दूसरे की गलती की वजह से उसकी नौकरी चली जाती है। आखिर बस कंडक्टर भी इंसान है । उसके परिवार उस पर क्या बीती होगी उसका अंदाजा केवल वही लगा सकता है जो उसका भुक्तभोगी है। आपसे निवेदन है आर्थिक रूप से कमजोर बस कंडक्टर की केवल आप इस तरह से मदद कर सकते हैं कि जैसे आप बस में चढ़े वैसे ही तुरंत टिकट की मांग करें।
पिछले 3 महीने में 50 लोगों से अधिक बस कंडक्टर बर्खास्त
आंकड़ों के लिहाज से बात करें तो जाबिर अली के अनुसार 50 से अधिक लोगों को विगत 3 महीने में बर्खास्त किया गया जिसकी बड़ी वजह कुछ लोग हैं जिन्होंने बिना टिकट बस में सफर किया और स्टॉपेज पर पकड़े जाने की वजह से इसका भुगतान बस के परिचालक को करना पड़ा आए दिन ऐसी घटनाएं सामान्य है लेकिन जागरूक करने वाला कोई नहीं।
परिचालक के वेतन पर पड़ता है फर्क

जाबिर अली के अनुसार बस परिचालक को 1 महीने में कुल ₹17000 दिए जाते हैं ।वहीं अगर एक भी यात्री बिना टिकट के आला अधिकारियों द्वारा पकड़ा जाता है तो तुरंत उस क्षण से मानसिक वेतन में बड़ा बदलाव हो जाता है। जहां फिर प्रत्येक किलोमीटर के हिसाब से परिचालकों का भुगतान किया जाता है। जहां 1 किलोमीटर के लिए उन्हें ₹2 .45 पैसे फिर मिलने लग जाता है ।वही परिचालक महीने में 25 दिन काम करते हैं एवं 28 किलोमीटर तक चलते हैं तो आप अंदाजा लगा सकते हैं कि लगभग उनका मानसिक वेतन आपकी गलती की वजह से आधा हो जाता है ।अतः आपसे विनम्र निवेदन है लखनऊ परिवहन आपकी सेवा के लिए है आप जागरूक रहें एवं मानवता के लिए टिकट जरूर लें।









