
उत्तर प्रदेश के लोगों के लिए बहुत खुशी की खबर आ रही है। जहां अब उत्तर प्रदेश के सभी जनपद समेत राजधानी लखनऊ की निगम अपनी बसों में विभिन्न ने यात्रियों तथा अपने नागरिकों को मुफ्त यात्रा तथा छूट के साथ यात्रा की सुविधा प्रदान कर रहा है। आपने ठीक से ना अब आप मुफ्त में निगम की बसों में यात्रा कर पाएंगे अगर आप इस श्रेणी में है।
बच्चे
निगम की बसों में 5 वर्ष की आयु तक के बच्चे की यात्रा पूर्ण रूप से मुफ्त है।
अगर बच्चा 5 से लेकर 12 वर्ष तक का है तो किराए में 50% की छूट दी जाती है।
नागरिक, सुरक्षाकर्मी जो शौर्य पुरस्कार से सम्मान से नवाजे गए हैं, उन्हें मुफ्त में नगर बसों की सुविधा उपलब्ध है।
दिव्यांगजन
गौरतलब है की मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा किसी भी दिव्यांग ( 40% )अथवा उससे अधिक के दिव्यांगता के प्रमाण पत्र के आधार पर साधारण बसों में निशुल्क यात्रा सुविधा है।
जो बोल नहीं सकते अथवा बधिर हैं अथवा दोनों है, (शारीरिक रूप से विकलांग सर्वजनिक अधिनियम 1995 की परिभाषा के अनुसार) उन्हें पूर्ण रूप से निशुल्क यात्रा करवाई जाएगी।
कुष्ठ रोग मुक्त शारीरिक दिव्यांग को भी निःशुल्क यात्रा की सुविधा दी गई है ।
जो मानसिक रूप से ठीक नहीं है उन्हें भी निशुल्क यात्रा सुविधा उपलब्ध है।
जिनके एक पैर अथवा एक हाथ अथवा दोनों हाथ पैर नहीं हैं, उनके लिए भी निगम बस में निशुल्क यात्रा की अनुमति है।
जो पूरी तरह से दृष्टिहीन है अथवा आंशिक रूप से दृष्टिहीन है उन्हें निगम की बसों में निशुल्क यात्रा की अनुमति प्रदान की गई है।
दिव्यांगों के पास रहना चाहिए यह चीजें

यात्रा करने से पूर्व दिव्यांग जनों की को अपने आधार कार्ड पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी अथवा अधिकृत चिकित्सा अधिकारी द्वारा जारी दिव्यांग का प्रमाण पत्र या भारत सरकार द्वारा जारी यूडी आईडी के मूल प्रति के संबंधित अधिकारी कर्मचारी को दिखानी होगी इसके बाद ही वह निशुल्क यात्रा कर पाएंगे।
प्रतिष्ठित नागरिक
उत्तर प्रदेश है भारत सरकार द्वारा अगर कोई पुरस्कृत शिक्षक बेसिक और माध्यमिक शिक्षा बोर्ड का है तो उन्हें बसों में मुफ्त यात्रा की अनुमति दी गई है।
लोकतंत्र रक्षक सेनानी जो कि स्वतंत्रता सेनानी कल्याण परिषद के हों उन्हें निगम की बसों में मुफ्त यात्रा की अनुमति प्रदान की गई है। इनकी यात्रा क व प्रशासन के संबंधित विभाग द्वारा वहन किया जाता है।
मान्यता प्राप्त पत्रकार जो सूचना निदेशालय उत्तर प्रदेश लखनऊ के हैं, उन्हें भी निगम की बसों में मुफ्त यात्रा की अनुमति दी गई है। उनकी यात्रा का वहन प्रशासन से संबंधित विभाग द्वारा किया जाता है।
उत्तर प्रदेश विधान परिषद के पूर्व सदस्य एवं सहयात्री को भी निगम की बसों में मुफ्त यात्रा का प्रावधान है।
उत्तर प्रदेश से चयनित सांसद लोकसभा या राज्यसभा एवं सहयात्री परिवहन आयुक्त कार्यालय लखनऊ के हैं तो उन्हें भी मुफ्त यात्रा का प्रावधान है।
नोट: उपयुक्त श्रेणी में सांसद सदस्य विधानसभा परिषद के पूर्व सदस्यों के साथ यात्रियों को अपने किराए पर लागू कर एवं अधिभार का भुगतान करना होगा ।उसी प्रकार मान्यता प्राप्त पत्रकार जनपद से बाहर यात्रा कर रहे हैं तो उन्हें किराए पर लगा हुआ टैक्स एवं अधिभार का भुगतान वहन करना होगा।
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