लखनऊ के पहचानो में से एक विक्रम पर अब बंद होने का खतरा मंडराने लगा है। गौरतलब है कि लखनऊ के स्कूटर इंडिया लिमिटेड जोकि सरोजनी नगर में है उसे सरकार ने बंद कर दिया है। वहीं इसका असर तमाम विक्रम चालकों पर नजर आना शुरु हो चुका है। आपको बता दें कि पेंशन और पिछले बकाया वेतन को लेकर स्कूटर इंडिया के अधिकारी और कर्मचारियों के बीच खींचातानी जारी है ।वही विक्रम चालक जो कि सुबह से शाम तक विक्रम चला कर अपने परिवार का भरण पोषण करते हैं उन्हें अपनी जीविका कैसे चलाएं यह उनके लिए बड़ी चुनौती है।
स्कूटर इंडिया करता है विक्रम का निर्माण
आपको बता दें कि स्कूटर इंडिया केंद्र सरकार के अधीन है एवं स्कूटर इंडिया में विक्रम बनाया जाता है। वहीं अब लखनऊ में मौजूद कई विक्रम चालकों के विक्रम का परमिट समाप्त हो रहा है। वहीं जब तक नया विक्रम नहीं बनेगा उसके साथ ही परमिट मिलेगा। जब स्कूटर इंडिया ही बंद हो जाएगा तो विक्रम का निर्माण नहीं होगा एवं पुराने विक्रम का परमिट के रिन्यूअल में दिक्कत होगी। 2,000 से अधिक विक्रम चालकों के रोजी-रोटी पर खतरा आ सकता है। ऐसे कई लखनऊ में विक्रम है जिसकी परमिट रिनुअल तभी मुमकिन हो पाएगी जब नई विक्रम आएगी।
कानपुर में मिली है राहत

गौरतलब है परिवहन प्राधिकरण के सचिव ने विक्रम के परमिट को ऑटो रिक्शा में तब्दील करने का आदेश देकर कानपुर के हजारों विक्रम चालकों को राहत पहुंचाने का कार्य किया है ।दूसरी ओर दिक्कत की बात यह है कि अभी कानपुर के तर्ज पर लखनऊ में ऐसा कोई भी आदेश संभागीय परिवहन प्राधिकरण की ओर से नहीं आया है अतः चालक गण कोशिश कर रहे हैं कि उन्हें कानपुर के ही तर्ज पर विक्रम के परमिट को ऑटो रिक्शा में तब्दील करने का आदेश दिया जाए जिससे राहत मिले। लेकिन इसके लिए कोई अधिकारी का बयान सामने नहीं आया है।
के के पांडे अध्यक्ष स्कूटर इंडिया यूनियन
स्कूटर इंडिया के कुछ कर्मचारी अभी भी सेवा में हैं। वही कर्मचारियों के अनुसार क्लोज़र होने की अधिसूचना के बिना बोर्ड ऑफ मैनेजमेंट की बैठक के जारी होना गलत है। सीएनजी विक्रम चालकों की समस्या को लेकर वह आवाज उठाएंगे। अगर कानपुर की तर्ज पर परमिट रिन्यू हो जाता है तो यह विक्रम चालकों के लिए वरदान साबित होगा। जहां लखनऊ में कई लोगों की जीविका विक्रम चलने पर निर्भर है। अतः सरकार और परिवहन विभाग को जल्द से जल्द इसके विषय में कार्यवाहीं कर विक्रम चालकों को राहत देने के विषय में कदम उठाया जाना चाहिए।










