पहले सरसों तेल की महंगाई की मार और अब सब्जियों में बढ़ती तेजी की वजह से लखनऊ के लोग काफी परेशान हैं। लखनऊ में अब सब्जियों के लिए लोगों को अपनी जेब ढीली करनी पड़ रही है ।
राहत की बात
राहत की बात यह है सरसों तेल जो लंबे समय से महंगा हो गया था अब वह सस्ता होना शुरू हो गया है।
कारोबारियों की मानें तो अमेरिका के बायो डीजल रिफाइनरी के प्रयोग में होने वाले सोयाबीन पर रोक लगने से रिफाइंड वालों की कीमत पर इसका बड़ा प्रभाव पड़ा था। वही भाव उतरते देख जमाखोरों और किसानों ने भी सरसों बाजार में बेचना शुरू कर दिया इसका फल यह निकला कि तेल के भाव में बड़ा अंतर आ गया है।
बीते 20 दिनों की बात की जाए तो लखनऊ में करीब 15 से 20 लीटर की कमी दर्ज की गई है ।
कोरोना काल में सरसों के तेल के भाव चढ़ते दिखाई दिया और किसानों ने सरसों के बढ़ते दामों को देखते हुए सरसों को बाजार में नहीं बेचा ,जिससे दामों में और भी इजाफा हो गया। अमेरिका के बियो डीजल रिफाइनरी में होने वाले सोयाबीन पर रोक लगा दी जिससे रिफाइनर आयल के मूल्यों में बदलाव देखे गए ।
वहीं दूसरी ओर बारिश की वजह से लखनऊ में फल और सब्जियां काफी मंहगी मिल रही हैं।मंडी में लौकी टमाटर, तोरई, भिन्डी, शिमला मिर्च, कद्दू, बैगन में सब्जियों में भारी उछाल दर्ज की जा रही हैं।
| सब्जी | प्रथम हफ्ता | अंतिम हफ्ता | |
| 1 | लौकी | 20 | 40 |
| 2 | कद्दू | 20 | 40 |
| 3 | भिंडी | 25 | 40-50 |
| 4 | धनिया | 60 | 80-100 |
| 5 | टमाटर | 30 | 50-60 |
| 6 | बीन्स | 140 | 80-100 |
| 7 | शिमला मिर्च | 40 | 50-60 |
सीतापुर मंडी की बात की जाए तो वहां के थोक विक्रेता कहते हैं कि बारिश की वजह से खेतों में सब्जियां टूटी नहीं हैं लेकिन कुछ दिनों में मार्केट में सब्जियां आ जायेगी और लोगों को राहत मिलेगी। कुछ किसानों का कहना है कि भरी बारिश की वजह से सब्जियों को नुकसान भी पंहुचा है। वहीँ भूतनाथ मार्किट में कद्दू का दाम 40 रुपए देखा गया । थोक मार्किट की बात की जाये तो तोरई 10 रुपया से 20 रुपए हो गयी । बारिश , कोरोना के बाद पटरी पर लौटी होटल की मांग की वजह से यह उछाल देखने को मिली है ।










