
लखनऊ 21 दिसंबर: लखनऊ में चौतरफा विकास देखने मिल रहा है। जहां स्मार्ट सिटी लखनऊ में रहने वाले लोगों के लिए एक और खुशी की खबर आ रही है जहां अब लखनऊ के चारबाग बस स्टेशन को आलमबाग बस स्टेशन के तर्ज पर विकसित किया जायेगा। जहां बस से यात्रा करने वाले लोगों की बेहद आसानी के साथ सुविधाएं देने का मन अब प्रशासन ने पूरी तरह से बना लिया है। आगे बात करते हैं उन विशेष कार्य की जो की चारबाग बस स्टेशन पर किए जानें हैं।
45+ करोड़ में बदलेगा चारबाग बस स्टेशन
गौरतलब है की चारबाग मेट्रो , चारबाग रेलवे स्टेशन के पास ही बिलकुल चारबाग बस स्टेशन हैं। परिवहन निगम प्रशासन अब पुरे बस स्टैंड का कया कल्प करने के इरादे से बस स्टेशन का विकास करेगी। जहां चारबाग बस स्टेशन में दो मंजिला इमारत बनाया जाएगा। जिसमें की चारबाग बस ऑफिस के साथ कमर्शियल स्पेस भी होगा। जिसके लिए 45+ करोड़ आवंटित पहले ही किया जा चुका है।
इन 7 खूबियों से होगा चमकेगा चारबाग बस स्टेशन

1) दो मंजिला इमारत बनाई जाएगी। जहां इसमें बस कार्यालय होंगे। इसमें दुकानें भी होंगे।
2) 6000+ वर्ग मीटर में बनाया जाएगा दो मंजिला इमारत।
3) यात्रियों के लिए कैफेट एरिया बनाया जाएगा जिसमें की खान पान की सुविधा होगी। आपको बता दें की अभी चारबाग स्टेशन में केवल 2 से तीन खाने पीने के शॉप हैं।
4) एलईडी डिस्प्ले होगा इंस्टाल। त्योहार के समय अधिक भीड़ पूछताछ केंद्र में लग जातें हैं। जिको देख हुए एक एलईडी डिस्प्ले का भी प्रबंध किया जायेगा।
5) यात्रियों के बैठने के लिए अलग स्पेस के साथ बैठने के लिए बेंच इंस्टाल किया जायेगा।
6) साफ सफाई और सिक्योरिटी के लिए विशेष प्रावधान किया जाएगा।
7) वेटिंग रूम के साथ डोर्मेट्री बनने पर ही निर्णय लिया जा सकता है जिसके तहत यात्रियों के सुलभता के लिए कार्य किए जायेगे । पीपीपी मॉडल के तर्ज पर सरकार और प्राइवेट कंपनी की सहभागिता में कार्य किया जायेगा।
यूपी में विकसित किए जायेगें पीपीपी मॉडल पर 15 से अधिक बस स्टेशन

पीपीपी मॉडल पर यूपी में 15 से अधिक बस अड्डे को विकसित किया जायेगा। जिसके लिए 2000+ करोड़ की राशि आवंटित की जा चुकी है। लिहाजा यूपी के परिवहन निगम हर एक बारीकी का ध्यान रखें नजर आ रही है। टेंडर की प्रक्रिया को तेज कर ली गई है।
गोरखपुर
कानपुर
वाराणसी
आगरा कैंट
मथुरा
मेरठ
गाजियाबाद
अलीगढ़
प्रयागराज के अलग अलग जगहों पर बस स्टेशन को विकसित किया जायेगा। गौरतलब है की 2023 से 2024 तक इन सभी बस अड्डों को पूर्ण रूप से विकसित करवा लिया जायेगा।









