
लखनऊ 21 जनवरी: राजधानी लखनऊ में अब अपना आशियाना बनने वालों के लिए खबर सुखप्रद नहीं आ रही है। जहां एक बार फिर से मंहगाई की मार ने सबको अपने लपेटे में लिया है। जहां अब लखनऊ में रहने वाले आम लोगों के लिए घर बनने अब महंगा हो गया है। जहां अब सामान्य मिडिल क्लास के लोगो के लिए अपने घर बनने के सपने को ठेस पहुंची है। जहां आपको बता कि लखनऊ में सीमेंट सरिया 8 से लेकर मृत्यु तक के भाव आसमान छू रहे जहां बिल्डिंग मैटेरियल्स के दामों में 10% तक का इजाफा आंका गया है। जिसकी वजह से गरीब आदमियों की तो छोड़ें सामान्य वर्ग के लोगों को भी अपना आशियाना बनाने के लिए 2 बार सोचना पड़ रहा है आगे खबर विस्तार से।
आठ से 10% फीसदी बिल्डिंग मटेरियल के दामों में वृद्धि

गौरतलब है राजधानी लखनऊ में घर बनाने महंगा हो चुका है जहां इस वर्ष 8 से लेकर 10% तक बिल्डिंग मटेरियल महंगे हुए हैं। वहीं ठंड एवं शीतलहर के प्रकोप की वजह से कारीगर भी मनमाना दाम वसूल रहे हैं। इसकी वजह से मकान बनाना राजधानी लखनऊ में महंगा हो चुका है।
बिल्डिंग मैटेरियल्स के बढ़े दाम
गौरतलब है कि सीमेंट जहां पहले ₹350 में मिल रहा था ।वहीं अब इसकी कीमत ₹360 से ₹380 तक पहुंच गई है। वहीं सरिया की बात की जाए तो जो सरिया 5800 प्रति क्विंटल की दर से मिल रहा था, वह अब 6000 से लेकर 6200 प्रति क्विंटल मिल रही है।ईट की बात की जाए तो जहां ए वन क्वालिटी काइट 7800 प्रति हजार मिल रहा था वहीं अब इसकी कीमत 8000 से 8200 तक पहुंच गई है ।वहीं गिट्टी ही बात करें तो जो गिट्टी ₹55 प्रति वर्ग फीट मिल रहा था वह अ ₹62 प्रति वर्ग फीट मिल रहा है ।वही सीमेंट की बात करें तो हर बोरी में ₹5 से ₹10 तक का इजाफा देखने मिला है। वहीं सीमेंट एसोसिएशन के द्वारा कई बार टैक्स को कम करने की मांग उठाई जा चुकी है।
कच्चे माल में कमी एवं ट्रांसपोर्टेशन के चार्ज में वृद्धि की वजह

गौरतलब है कि सीमेंट एसोसिएशन द्वारा यह भी बताया गया है कि कच्चे माल की आपूर्ति कम हो रही है ।वहीं ट्रांसपोर्टेशन चार्ज पेट्रोल एवं डीजल की कीमतों में इजाफे की वजह से बढ़ी है। इस वजह से बाहर से आने वाले बिल्डिंग मटेरियल के दामों में इजाफा हुआ है । आपको बता दें कि टाइल्स की कीमतों में भी इजाफा देखने मिला है, हालांकि इजाफा 2 से 3% का है लेकिन महंगाई में वृद्धि व जिसके कारण मकान बनाना राजधानी लखनऊ में अब महंगा हो चुका है।
ठंड में मिल रहे हैं कम कारीगर
गौरतलब है कि राजधानी लखनऊ में शीतलहर एवं ठिठुरन का प्रकोप जारी है जिसकी वजह से मजदूर भी अपने रेटों में इजाफा कर रहे हैं इसकी वजह से बिल्डिंग मटेरियल के साथ अब लेबर कॉस्ट भी अधिक आ रहा है।









