
लखनऊ 21 जनवरी: गौरतलब है कि भारतीय रेलवे ने व्यापारियों को सुविधा देने के लिए रेलवे माल गोदाम में आधुनिकरण करने का फैसला किया है ।जिसके तहत अब पब्लिक प्राइवेट मॉडल जिसे पीपीपी कभी कहते हैं उसके तहत माल गोदाम बनाए जाएंगे। जिसकी शुरुआत लखनऊ मंडल के सुल्तानपुर स्टेशन से की जाएगी गौरतलब है कि इन माल गोदाम के आधुनिकरण करने के उपरांत व्यापारियों को इससे बेहद सुविधा मिलेगी। वहीं लखनऊ के आलमबाग समेत कुल 9 स्टेशनों पर पीपीपी मॉडल पर माल गोदाम बनाए जाएंगे जिससे कि व्यापारी मंडलों को काफ़ी सुविधा पहुंचेगी।
पीपीपी मॉडल पर बनाए जाएंगे आलमनगर स्टेशनों पर माल गोदाम

गौरतलब है कि सरकार निजी कंपनियों के साथ मिलकर पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप के तहत पीपीपी मॉडल पर माल गोदाम को बनाएगी । पीपीपी मॉडल के तहत राजधानी लखनऊ में कई विकास के कार्य को अंजाम दिया गया। अब सरकार एवं निजी कंपनियों के साथ सभा गीता के बाद व्यापारियों को सुविधा को देखते हुए रेलवे अब आलमनगर समेत अन्य स्टेशनों पर माल गोदाम बनाएगी। जिसमें की माल गोदाम को हाईटेक बनाया जाएगा जिसमें की कार्य करने वाले लेबर के लिए रूम, व्यापारियों के लिए कक्ष ,मालगोदाम कार्यालय ,लाइट, टॉयलेट, प्रसाधन की व्यवस्था की जाएगी।
उत्तरी रेलवे लखनऊ मंडल के सुल्तानपुर से होगी इस परियोजना की शुरुआत
उत्तरी रेलवे लखनऊ मंडल के सुल्तानपुर स्टेशन से पीपीपी मॉडल के तहत माल गोदाम क्या आधुनिकरण का कार्य पूरा किया जाएगा। वहीं इसके तहत व्यापारियों को सुविधा दी जाएगी। जिसमें बेहतर रोशनी, लाइट, कारीगर का रूम। व्यापारियों के लिए कक्ष, माल गोदाम के लिए कार्यालय, शौचालय, पीने का पानी के लिए बेसिन आदि का निर्माण करवाया जाना है।
इन स्टेशनों पर बनेंगे माल गोदाम
कि लखनऊ के आलमनगर स्टेशन सहित उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल के अलग-अलग स्टेशनों पर पीपीपी मॉडल के तहत माल गोदाम बनाए जाएंगे जिसमें ।
1अमौसी
2.मोहनलालगंज
3.शिवपुर
4.गौरीगंज
5.शाहगंज
6.आलमनगर
7.सिंदुरवा
8.सोनिक
9.दरियापुर है।
2.5 करोड़ लगेगी लागत से पूरी होगी परियोजना
आलमनगर स्टेशन समेत 9 स्टेशनों पर पीपीपी मॉडल के तहत माल गोदाम बनाए जाएंगे। इसके शुरुआत लखनऊ मंडल के सुल्तानपुर स्टेशन से होगी। वही आपको बता दें कि इन परियोजना में कुल 2.5 करोड़ की लागत लगेगी वहीं सरकार एवं निजी कंपनियों के साथ मिलकर पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप के तहत बनाने वाले कंपनी को ना केवल माल गोदाम का निर्माण करना होगा ,वहीं इसके रखरखाव के लिए 5 वर्ष की अनुबंध पर भी करार करना होगा। जैसे कि या माल गोदाम कि मेंटेनेंस की भी पूर्ण व्यवस्था हो पाए।









