पेट्रोल डीजल के दाम लगातार बढ़ रहे। जिसकी वजह से लखनऊ वासियों के जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है । 1 वर्ष में पेट्रोल डीजल और रसोई गैस की महंगाई ने लोगों के घरों का बजट बिगाड़ कर रख दिया है ।आंकड़ों के लिहाज से बात करें तो बीते 1 साल में घरेलू सिलेंडर गैस 38 फ़ीसदी महंगा हुआ ।वहीं राजधानी में बीते दिन अमूल दूध और पराग दूध में भी ₹2 की बढ़ोतरी देखी गई है।
इसके साथ ही विगत 1 महीने में 4 से ₹40 तक दवाइयों की कीमतों में भी वृद्धि हुई है । लोगों को अब जरूरी दवाई के लिए अधिक पैसे खर्च करने पड़ रहे हैं । अचानक से दवाइयों के दाम में इजाफा से लोग असंतुष्ट लग रहे हैं ।
इस वजह से बढ़े दवाइयों के दाम

लखनऊ केमिस्ट एसोसिएशन के प्रवक्ता विकास रस्तोगी के अनुसार महंगाई की बड़ी वजह पेट्रोल व डीजल की कीमतों में इजाफा बताया ।क्योंकि ट्रांसपोर्टेशन का खर्चा की वजह से दवाइयों पर भी इसका असर देखा गया है। दवाइयों की खेप लाने ले जाने में अब अधिक पैसे देने हो रहे हैं । जिसका असर दवाइयों पर भी पड़ा है ।
बात करते हैं उन साथ महत्वपूर्ण दवाइयों की जिसकी दाम में इजाफा देखा गया है
| दवाई | पुराना रेट | नया रेट | |
| 1 |
ब्लड प्रेशर की दवा एम्लोप्रेस एटी
|
123 | 135 |
| 2 | कोलेस्ट्रोल की गोली रोजावेल 20 | 303 | 330 |
| 3 | यूरिक एसिड की फेबुस्टेट-40 | 84 | 202 |
| 4 | लिवर की दवा यूडिलिव | 591 | 631 |
| 5 | एबी फाइलीन 100 एमजी | 123 | 135 |
| 6 | साँस की दवाई एबी फ्लो कैप्सूल | 112 | 123 |
| 7 | दर्द की दवा इंडोकैप एस आर | 105 | 115 |
ऐसे में अचानक दवाइयों की कीमतों में इजाफा होने की वजह से लगातार घर के बजट गड़बड़ हो रहे हैं आम आदमी की जेब पर भारी खर्चा का बोझ आ गया है।










