राजधानी लखनऊ से आईपीएल मैच में ऑनलाइन सट्टाबाजी करने के आरोप में गोमती नगर के विनय खंड से राहुल, गौरव और प्रवीण को विभूति खंड पुलिस ने धर-दबोचा है।
फर्जी मेल आईडी का होता था प्रयोग
आईपीएल मैच में ऑनलाइन सट्टा को खिलवाने वाले सूत्रधार का नाम प्रवीण बताया जा रहा है, प्रवीण मूल रूप से गोरखपुर से आते हैं। जहां उन्होंने गोमती नगर स्तिथ अपने दो मित्रों के सहयोग से यह रैकेट को चलाया । जहां सूत्रधार प्रवीण की माता के अकाउंट में 42 लाख 66 हजार होने की पुष्टि के बाद अकाउंट को फ्रीज कर दिया गया।
एडीसीपी का बड़ा बयान
एडीसीपी कासिम के अनुसार पकड़े गए आरोपी प्रवीण, राहुल और गौरव जीमेल आईडी बनाकर सट्टा लगवाते थे। यह इतने शातिर थे की यह मोबाइल का इस्तेमाल नहीं करते थे। लेकिन ईमेल आईडी से यह लोगों को नंबर भेज कर सट्टा लगाते थे। आईपीएल शुरू करने के साथ ही इनका गिरोह सक्रिय हो जाता था। वहीं आईपीएल खत्म होने के बाद अंडर ग्राउंड हो जाते थे।
2016 से चल रहा था गोरखधंधा

एसीपी अनूप कुमार के अनुसार प्रवीण कुमार ने यह कबूल है कि 2016 से यह सट्टा खिलवा रहे थे। सट्टे में होने वाली मोटी कमाई को वह अपनी मां के अकाउंट में जमा करवाते थे, जिससे की किसी को पता ना चले ।वहीं दूसरी और इंस्पेक्टर चंद्रशेखर के बयान के अनुसार 5000 से कम का सट्टा नहीं लगता था ।सट्टा में वही लोग इंट्री कर सकते थे जिनके पास ₹5000 हों। प्रत्येक रन, आउट, छक्का, चौका, सुपर ओवर पर सट्टा लगाया जाता था।
गिरोह के अन्य लोगों की भी तलाश
पकड़े गए आरोपी प्रवीण कुमार सिंह के अनुसार वह काफी लोगों के संपर्क में थे जिनकी तलाश है डीसीपी पूर्वी क्राइम ब्रांच कर रही है। प्रवीण के अनुसार वह लम्बे समय से यह कर रहे हैं और मोटी कमाई कर चुके हैं । जहाँ हर सीजन में वह लखपति बन जाते थे । हार साल आईपीएल के साथ उनका सट्टेबाज़ी का बाजार गर्म हो जाता था ।










