अक्सर हमनें मिष्ठान भंडार में देखा है कि बार-बार गर्म करके एक ही तेल में समोसे, इमारती, जेलेबी तली जाती हैं और वह हमें और आपको परोसा जाता है ।वहीं एक खाद्य तेल को बार-बार गर्म कर उसके इस्तेमाल पर जल्द ही लखनऊ में रोक लगने वाली है।जल्द ही लखनऊ प्रशासन द्वारा इसपर नकेल कसी जायेगी। वहीं आपको बता दें की यह तेल सेहत के लिए बेहद हानिकारक होते हैं जिससे कई तरह की बीमारी हो सकती है।
स्वास्थ्य के लिए तेल बेहद नुकसानदायक
गौरतलब है की एक तेल का बार-बार गर्म करके प्रयोग में लाया जाना बेहद हानिकारक होता है ।यह ट्रांस वसा की मात्रा को बढ़ाता है, वहीँ दिल की बीमारी के खतरे में भी इजाफा करता है। आपको बता दें कि एक तेल को अधिक से अधिक बार इस्तेमाल करने से हृदय रोग, एसिडिटी, अल्जाइमर आदि की समस्याएं शरीर में उत्पन्न हो जाती है।
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के उपायुक्त हरिशंकर सिंह का बयान

गौरतलब है कि खाद सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के उपायुक्त श्री हरि शंकर जी के अनुसार जल्द ही योजनाएं के अनुसार लखनऊ में खाद्यान्न तेलुगू बार-बार प्रयोग में इस्तेमाल करने वाले मिष्ठान एवं प्रतिष्ठान भंडारों पर नकेल कसी जाएगी, उन्होंने यह भी कहा कि स्वास्थ्य के लिए यह बेहद हानिकारक है।
प्रतिष्ठानों के लिए ऐप हुआ जारी
गौरतलब है प्रतिष्ठानों में बार-बार उपयोग हुए तेल को प्रशासन अब बायोडियल में तब्दील करेगी ।इसके लिए अभियान चलाया जाएगा। बैठक के बाद यह तय हुआ की प्रतिष्ठान डायरेक्ट उपयोग में लाए गए तेल को बायोडीजल में बदलने के लिए प्रशासन को तेल बेच सकेगी। सरकार उस तेल की जगह प्रतिष्ठान को पैसे अदा करेगी ।
इस ऐप का नाम ऑयल ब्रदर्स होगा। यह किसी भी एंड्रॉयड मोबाइल फोन से डाउनलोड किया जा सकेगा ।इसकी मदद से व्यापारी प्रयोग में ला चुके तेल को बायोडीजल बनाने के लिए प्रशासन को तेल बेच सकेंगे। इसके उपरांत प्रशासन उस तेल को तेल रिफाइनरी को भेजकर उसे बायोडीजल बनाने की प्रक्रिया शुरू करेगी। जहां एक ओर व्यापारियों का नुकसान भी नहीं होगा और उपभोक्ता के स्वास्थ्य से भी कोई खिलवाड़ नहीं होगा।










