लखनऊ से लगभग 135.7 KM की दूरी पर परम पावनी तीर्थ स्वरूपा सरयू नदी के तट पर अयोध्या नगरी है। जहां प्रदेश के मुख्य मंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने अयोध्या का विकास के साथ पर्यटन को बढ़ावा के साथ पर्यटकों को भी अयोध्या नगरी खींचने के लिए रिवर क्रूज़ चालने की योजना रखी। इस वर्ष ही रामायणी रिवर क्रूज़ का शिलान्यास होना था लेकिन लॉकनडाउन की वजह से टल गया। वहीं रामायण क्रूज़ बनने की जिम्मेदारी BNE कंपनी को सौंपी गई है। दीपावली के शुभ अवसर पर इसका ऐलान प्रदेश के मुख्य मंत्री कर सकते हैं ।
रामायण क्रूज के डिजाइन निर्माण का कार्य हुआ पूरा
गौरतलब है को क्रूज़ के डिजाइन और मैपिंग का कार्य पहले ही पूर्ण हो चुका है। कोलकाता में एक ओर शिप निर्माण का कार्य तेजी से चल रहा है वहीं दिसारो ओर डिजाइन के कार्य को भी अमली जामा पहना दिया गया है। हाइड्रो ग्राफिक तकनीक के जरिए क्रूज का पूर्ण रूप से निरीक्षण को प्रक्रिया भी पूरी कर ली है।
पीपीपी मॉडल के तर्ज पर चलेगी रामायणी क्रूज
रामायण कुश का संचालन अलकनंदा क्रूज लाइन जोकि वाराणसी के करेगी। सरकार के साथ प्राइवेट कंपनी की सहभागीदारी रहेगी ।
कहां से कहां तक होगा संचालन

प्रस्तावित तौर पर रामायणी रिवर क्रूज़ आयोध्या के गुप्तार घाट से नया घाट तक चलेगी।
अलकनंदा क्रूज लाइन के डायरेक्टर विकास मालवीय जी का बयान
अलकनंदा क्रूज लाइन के डायरेक्टर विकास माली का कहना है कि क्रूज़ में सारी सुविधाएं होंगी और अयोध्या में सरयू नदी पर चलने वाले रामायण क्रूज का कार्य नवंबर महीने से पुनः शुरू कर दिया जाएगा।
क्या-क्या होंगी रामायणी पूजा सुविधाएं

सूत्रों के अनुसार अलकनंदा क्रूज से रामायणी रिवर क्रूज़ कई सुविधा से लैस होगा। क्रूज की कैपेसिटी 160 लोगों की होगी ,जहां 2 डेक बनाए जाएंगे ।क्रूज बेहद लग्जरी और शानदार होगा। रामायणी रिवर क्रूज़ की लंबाई और चौड़ाई की बात की जाए तो रामायणी रिवर क्रूज़ 6.5 मीटर ऊंचा तथा 30 मीटर लंबा और 7 मीटर चौड़ा होगा।
आपको बता दें कि 27 सितंबर क्रूस पर्यटन विकास मालवीय जी को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रशस्ति पत्र एवं सम्मानित किया था।
राम कीर्तन और लेज़र शो भी प्रस्तावित
अयोध्या को पर्यटन हब बनाने के लिए रामायणी रिवर क्रूज़ के साथ सरयू नदी के आसपास के इलाके का विकाश किया जायेगा । वहीँ घाटों का भी विकाश किया जायेगा , इसके साथ ही सरयू नदी पर लेज़र शो का भी आयोजन प्रस्तावित है ।देखना दिलचस्प होगा कि अयोध्या का रूप रंग किस तरह से बदलता है वही सरयू पर रामायण वह चलने के बाद परिजनों का भारी हुजूम अयोध्या जी जाएगा।










