ATS ने 11 जुलाई को बड़ी सफलता हासिल की जहाँ गुप्त सूचना मिलने पर ATS ने लखनऊ के दुबग्गा से 2 संदिग्ध आरोपी जिन्हे अलकायदा से सम्बंधित बताया जा रहा है उन्हें अपनी गिरफ्त में लिया । घेराबंदी में मिनहाज अहमद और मसीरुद्दीन पकडे गए । लेकिन गिरोह का मास्टर मंद शकील बच निकला और भागने में कामयाब हो गया । ATS को शकील की तलाश है और इसके लिए कई जगह सर्च ऑपरेशन व दबिश जारी है ।
गौरतलब है की मिनहाज और मसीरुद्दीन से पूछताछ के दौरान ATS को बड़ी बातों का पता चला वहीँ कई सुराग मिले हैं। उत्तरप्रदेश में अल कायदा एक बड़ी आतंकी साजिश को अंजाम देने के फ़िराक में था । ATS ने यह साफ़ कहा की इनका मकसद 15 अगस्त को जगह जगह सीरियल ब्लास्ट कर प्रदेश व देश में को दहलाने का था ।
ATS ने दोनों आरोपी मिनहाज और मसीरुद्दीन को लखनऊ के स्पेशल कोर्ट में पेश किया। जहां ATS की 14 दिनों की रिमांड अर्जी दाखिल को जस्टिस राम योगेंद्र गुप्ता ने स्वीकार कर लिया और इसके तहत मिनहाज और मसीरुद्दीन को 14 दिनों की रिमांड पर ले जाया गया ।
लखनऊ में यह पहली बार हुआ जब कोई अलकायदा से तालुक रखने वाला गिरफ्तार में आया ।मिनहाज अहमद और मसीरुद्दीन उर्फ मुशीर को अलकायदा की विंग अंसार अलकायदा हिंद (AGH) से जुडी होने की खबर है । ATS ने 14 दिन की रिमांड पर दोनों को लिया है जहाँ दोनों ने सनसनीखेज खुलासे किये हैं ।
IB की रिपोर्ट के अनुसार राम मंदिर पर फैसला आने के बाद आतंकी उत्तरप्रदेश में सीरियल ब्लास्ट की साजिश के फ़िराक में थे । अल कायदा ने इसका मॉड्यूल तैयार किया था जिसके लिए नए लोगों को स्लीपर सेल बनाकर उनकी भर्ती की जाने की भी पुष्टि की गई है । बम बनाने के लिए इनलोगो को प्रशिक्षित किया जा रहा था । गौरतलब है की खुलासे में यह भी कुबूला गया की अयोध्या में राम जन्म भूमि के पास इनसे जुड़े कुछ लोगों ने रेकी भी की थी ।










