
लखनऊ :उत्तरप्रदेश डिफेंस कॉरिडोर के लखनऊ नोड में अब दुश्मनों के दांत खटने करने वाला ब्रह्मोस मिसाइल बनकर तैयार होगा। गौरतलब है कि 21वीं सदी की सबसे खतरनाक मिसाइलों में अपनी जगह बनाने वाला ब्रह्मोस मिसाइल 4300 किलोमीटर प्रति घंटे की अधिकतम रफ्तार से उड़ सकता है एवं पलक झपकते हैं दुश्मनों के पनडुब्बी, टैंक, बंकर आदि तमाम चीजों को ध्वस्त कर सकता है।
धारा 370 हटने के बाद किया गया था पाकिस्तान बोर्डर पर तैनात
भारत से 370 हटने के बाद जम्मू कश्मीर से को मिले विशेष दर्जे को समाप्त कर दिया गया था ।इसके बाद पाकिस्तानी बॉर्डर पर दुश्मनों को देखते हुए भारतीय रक्षा विभाग ने ब्रह्मोस मिसाइल को सीमा पर तैनात कर दिया था । इसकी पुष्टि विदेशी मंत्री पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने संयुक्त राष्ट्र चिट्ठी लेकर लिखा था कि भारत एलओसी पर मिसाइलें तैनात कर रहा है। जहाँ पाकिस्तान में हड़कम्प मच गया था ।

10,000 लोगों को मिलेगा रोजगार
योगी आदित्यनाथ और उत्तर प्रदेश सरकार के एडिशनल चीफ सेक्रेटरी अविनाश अवस्थी के अनुसार इस परियोजना में कुल 500 अभियंता तथा टेक्नीशियन समेत कुल 5000 लोगों रोजगार मिलेगा ।यही नहीं इसके साथ बनाने वाले छोटे यूनिट्स में भी लगभग 5000 लोगों को काम मिलने की उम्मीद जताई गई है।
300 करोड़ का निवेश व 200 एकड़ भूमि की जरूरत
इस परियोजना की लागत लगभग तीन सौ करोड़ आयेगी वहीं 200 एकड़ की भूमि की जरूरत होगी। सुधीर कुमार मिश्रा जो की ब्रह्मोस मिसाइल एयरोस्पेस के प्रबंधक ने योगी आदित्यनाथ जी से बात की और यह तय हुआ है की अगले तीन साल में नेक्स्ट जेनरेशन ब्रह्मोस मिसाइल बनकर तैयार लखनऊ में होगा। देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह जी ने इस परियोजना के लिए हरी झंडी दे दी है ।इसके तहत उत्तर प्रदेश डिफरेंट इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के तहत लखनऊ में ब्रह्मोस मिसाइल नेक्स्ट जेनरेशन का उत्पादन राजधानी लखनऊ करता नजर आएगा।
ब्रह्मोस मिसाइल को खूबियां
- ब्रह्मोस मिसाइल सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल है जो कि रडार की पकड़ से बाहर होता है।
- ब्रह्मोस मिसाइल को पनडुब्बी, एयरबेस और जमीन से लांच किया जा सकता है।
- यह 10 मीटर हवा में उड़कर दुश्मनों के बंकर को ध्वस्त कर सकता है गौरतलब है कि ब्रह्मोस मिसाइल 4300 किलोमीटर प्रति घंटे की अधिकतम रफ्तार के साथ फर्राटा भर सकता है।
- ब्रह्मोस मिसाइल रूस और भारतीय के रक्षा संस्थानों से मिलकर बनी है जिसका नाम दोनों देशों की नदियों पर रखा गया है ब्रह्मपुत्र और मोसकवा नदी पर रखा गया है।
ब्रह्मोस मिसाइल के अलग-अलग कई वैरायटी
ब्रह्मोस मिसाइल के अलग-अलग कई वैरायटी हैं। ब्रह्मोस मिसाइल सुखोई लड़ाकू विमान में लांच किया जा सकता है वहीं 400 से 500 किलोमीटर दूर तक यह सटीक निशाना लगा सकता है । वही ब्रह्मोस मिसाइल का दूसरा वेरिएंट भी है जो कि 800 किलोमीटर की रेंज तक के टारगेट को आसानी के साथ हिट कर सकता है।
ब्रह्मोस मिसाइल की बात की जाए तो उसकी सबसे बड़ी है खूबी है कि यह मिसाइल पानी में 40 से 50 मीटर की गहराई से भी छोड़ी जा सकती है। गौरतलब है कि ब्रह्मोस का पहला टेस्ट 2013 में किया गया था।
ब्रह्मोस मिसाइल भारतीय सेना का पसंदीदा मिसाइल है जो कि अचूक टारगेट हिट करने में अपना लोहा मनवा चुका है।
ब्रह्मोस मिसाइल को भारत के वायुसेना क्वाड्रन टाइगर शार्क में लैस किया गया है।









