
लखनऊ 8अक्टूबर : भारतीय रेलवे ने लखनऊ के यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए हाल में पीपीपी मॉडल के तहत डिस्पोजेबल बेड रोल (bed roll in Lucknow train) की सुविधा दे रहे हैं ।गौरतलब है कि डिस्पोजेबल बेड रोल के लिए यात्रियों को ₹100, 200 , ₹2500 तक खर्च करने पड़ेंगे। आपको बता दें कि रेल यात्री को एसी में सफर करने के लिए डिस्पोजेबल बेड रोल लेने की दरकार होगी, जहां अब उन्हें ठंड में राहत के लिए रेलवे द्वारा ना कोई कम्बल ना कोई बेडशीट दी जाएगी। इसके लिए उन्हें अपनी व्यवस्था खुद करनी होगी।
डिस्पोजेबल बेडरोल की कीमत
डिस्पोजेबल बेडरोल की बात की जाए तो यह 3 वैरायटी में आ रहा है ।
| स्टैंडर्ड पैकेज | एक्सक्लूसिव पैकेज | प्रीमियम पैकेज डिस्पोजेबल |
| 100 | 200 | 250 |
स्टैंडर्ड पैकेज ₹100 में डिस्पोजेबल एक्सक्लूसिव पैकेज ₹200 में तथा डिस्पोजेबल प्रीमियम पैकेज ढाई ₹100 में पूर्वोत्तर रेलवे लखनऊ मंडल में जंक्शन पर बिक रहा है।
रेट कार्ड
1.फेस मास्क
| सामान्य मास्क | कॉटन (2 लेयर) मास्क | थ्री लेयर मास्क | ब्रांडेड मास्क |
| 10 | 30 | 100 | 50 |
नॉर्मल फेस मास्क 2 लेयर जिसकी कीमत ₹10 हैं । कॉटन के 2 लेयर की कॉटन मास्क की कीमत ₹30 रखी गई है। ।ब्रांडेड मास्क की कीमत ₹50 रखी गई है। थ्री लेयर मास्क की कीमत ₹100 रखी गई है।
2.लखनऊ जंक्शन पर फेस शील्ड ₹80 में दिया जा रहा है ।
3.कम्बल की बात की जाए तो कंबल के लिए यात्रियों को ₹125 देने पड़ेंगे । वही कैप के लिए ₹10 तथा ग्लव्स के लिए ₹5 प्रति जोड़े के हिसाब से यात्री को खर्च करने पड़ेंगे।
रात की ट्रेन व लंबी दूरी की ट्रेन पर बेड रोल की आवश्यकता

गौरतलब है कि पहले भारतीय रेलवे के एसी कोच में बेडशीट, तकिया, टॉवल व कंबल दिए जाते थे ।वही बाद में रेलवे ने संक्रमण की आशंका को देखते हुए बेड रोल को बंद कर दिया था। वहीं अब यात्रियों को डिस्पोजेबल बेड रोल के लिए अतिरिक्त पैसे का भुगतान करना पड़ेगा। इसके लिए लखनऊ जंक्शन पर इसकी शुरुआत हो चुकी है, जहां निजी संस्था के साथ मिलकर रेलवे ने जन हार के पास बेड रोल काउंटर की सुविधा उपलब्ध किया है।
लखनऊ में कहाँ मिलेगी

लखनऊ के छोटी लाइन बोले जाने वाले लखनऊ जंक्शन पर गेट में एंट्री करने के साथ ही बाएं साइड में काउंटर्स हैं । जहाँ से आप ले सकते हैं ।
रेलवे को 1.20 करोड़ की होगी बचत
गौरतलब है की बेडरोल की सुविधा को यात्री तक मुहैया कराने के लिए सालाना भारतीय रेलवे को कुल 1.20 करोड की लागत आते थे। वही जहां रेलवे ने अपना बोझ घटाया है वहीं यात्रियों पर अतिरिक्त पैसे देकर पैसे खर्च का बोझ बढ़ गया है। आंकड़ों के आधार पर उतरी व पूर्वोत्तर रेलवे ने कुल 3 लॉन्ड्री बनाए थे जो कि लखनऊ जंक्शन की ओर से बने थे वहीं एक लांड्री को बंद कर दिया गया है जबकि नई लांड्री 9000000 में बनाई गई थी ।









