
राजधानी लखनऊ में अभी चुनावी माहौल गर्म हैं। जहां मुद्दे और विवाद का दौर गर्म हैं। इन सब के बीच भारत के केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री द्वारा इसी वर्ष जनवरी के महीने पर राजधानी लखनऊ को जाम से राहत देने के लिए अलग अलग 3 फ्लाईओवर की सौगात दी गई थी। जिसपर चुनाव के सातवें चरण के उपरांत कार्य शुरू किए जायेगें वहीं विधानसभा चुनाव 2022 के उपरांत तेज गति से फ्लाईओवर का कार्य प्रारंभ करवाया जायेगा। आगे बात करते हैं उन फ्लाईओवर के साथ कुछ और विकास कार्यों की जो की राजधानी लखनऊ में जल्द होने वाले हैं प्रारंभ ।
जाम से मिलेगी लखनऊ वासियों को राहत
हालांकि की राजधानी लखनऊ के अवध चौराहा पर अक्सर लग रही जाम से लोगों को बेहद कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है।लेकिन अभी भी कुछ ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं , हालांकि अंडरपास पर होने वाले कार्य पर पर विधायकों द्वारा आवेदन और कार्य प्रस्तावित किए गए हैं। वहीं जो कार्य जल्द प्रारंभ किए जायेगें उनपर प्रकाश डाला जाए तो
खुर्रमनगर से इंद्रानगर सेक्टर 25
आईआईएम क्रॉसिंग से मड़ियाव
मुंशीपुलिया से पॉलीटेक्निक चौराहा
मुंशीपुलिया से पॉलीटेक्निक फ्लाईओवर
आपको बता दें की मुंशीपुलिया से पॉलीटेक्निक तक बनने वाला फ्लाईओवर की कुल लंबाई कुल 1.8 किलोमीटर लंबी होगी जहां इस प्लेवर के डिजाइन की बात करें तो पहले के कुल 1.4 किलोमीटर तक चार लेन की यह फ्लाईओवर होगी। इस फ्लाईओवर में कुल 170.60 करोड़ की लागत आएगी। इस फ्लाईओवर में सर्विस रोड की भी व्यवस्था की जायेगी।
खुर्रमनगर चौराहा से इंद्रानगर सेक्टर 25 के बीच फ्लाईओवर
आपको बता दें की खुर्रमनगर से इंद्रानगर तक फ्लाईओवर प्रस्तावित हैं जहां इस 1.8 किलोमीटर लंबी फ्लाईओवर की लागत कुल 140 करोड़ के आसपास आयेगी। वहीं इस फ्लाईओवर को भविष्य में कल्याणपुरी तक बढ़ाया जा सकता है। जहां सड़क पर ट्रैफिक के दवाब के बाद चरणबद्ध तरीके से आगे की योजना को कार्यान्वित किया जायेगा।
आईआईएम क्रॉसिंग से मड़ियावां क्रॉसिंग फ्लाईओवर
आपको बता दें की 1.94 किलोमीटर लंबी फ्लाईओवर को आईआईएम क्रॉसिंग से मड़ियावां तक बनाया जाएगा जहां इस फ्लाईओवर की लागत कुल 141 करोड़ की आने की संभावना है।
जाम से मिलेगी मुक्ति

आपको बता दें की स्कूल कॉलेज ऑफिस पूर्ण रूप से खुलने के उपरांत इन जगहों पर ऑफिस टाइमिंग और छुट्टी के समय सड़क पर ट्रैफिक का अतिरिक्त दवाब रहता है। जहां आलम यह रहता है की मुंशीपुलिया से पॉलीटेक्निक पर 2 ट्रैफिक सिग्नल को पर करना होता है और भीड़ काफी अधिक होती है। लिहाजा इन फ्लाईओवर के बनने के उपरांत लोगों को काफी आसानी होने वाली है।









