लखनऊ 19 अगस्त: ध्वनि प्रदूषण को देखते हुए हाईकोर्ट बेहद सख्त रुख अपना लिया है । जहाँ इस मामले से सख्ती से निपटने के लिए हाई कोर्ट सख्ती बरतने के मूड में दिखाई दे रहा है ।गौरतलब है कि हाईकोर्ट की सख्ती के बाद ध्वनि प्रदूषण को लेकर परिवहन विभाग को नोटिस जारी किया गया है ।
परिवहन विभाग को दिया गया आदेश
जहां परिवहन विभाग को यह सूचित किया गया है कि वह अपने डीलरों को आगाह करें की अगर बाइक में साइलेंसर में छेड़छाड़ के पुख्ता सबूत मिलते हैं या वह साइलेंसर में छेड़छाड़ के कोई भी नमूने देखते हैं तो सबसे पहले ₹100000 का जुर्माना होगा ।वही दोबारा पकड़े जाने पर या लापरवाही बरतने पर ट्रेड सर्टिफिकेट रद्द कर दिया जायेगा ।
1 लाख का होगा जुर्माना
गौरतलब है कि वीके सोलंकी जो की परिवहन आयुक्त के पद पर तैनात हैं। उन्होंने बताया डीलरों के यहां से बुलेट बाइक में साइलेंसर में बदलाव किए जा रहे हैं ।जिसकी वजह से ध्वनि प्रदूषण का मानक 80 से बढ़कर 120 हो जाता है ।वही लखनऊ समेत प्रदेश भर के डीलरों को नोटिस भेजकर साइलेंसर में बदलाव रोकने के लिए गुजारिश की गई है।
लखनऊ में धवनि प्रदुषण करने वाली बाइक पर 10,000 रुपए का जुर्माना

विभाग के अनुसार सभी डीलर्स को मानक के अनुसार कार्य करने की चेतावनी दे गई है । अगर वह फिर भी मनमानी करते पाए गए तो उन्हें ₹100000 का जुर्माना देने की नौबत आ सकती है। ट्रैफिक पुलिस के नियम के अनुसार ध्वनि प्रदूषण करने वाले बाइक को ₹10000 भुगतान करने के आदेश ट्रैफिक पुलिस अधिनियम के अनुसार दिए गए थे, जिसके तहत लखनऊ में कई जगहों पर बड़ी वसूली की गई hai.
शहर में ध्वनि प्रदूषण नहीं होगा बर्दास्त
लखनऊए में जहाँ लोग ध्वनि प्रदूषण को नजरअंदाज करते हुए अपनी बाइक को फर्राटे के साथ भगा रहे थे, अब उनकी नकेल कसेगी । 27 अगस्त को हाईकोर्ट ने प्रदेश भर के सभी जिलों से ध्वनि प्रदूषण को लेकर की गई कार्यवाही पर 20 अगस्त तक की सभी RTO को अपना जवाब देने के निर्देश दिए गए हैं ,इससे साफ है कि हाईकोर्ट शक्ति के साथ ध्वनि प्रदूषण को लेकर परिवहन नियम बना रहा है जिसके मानक पहले ही तय कर दिए गए हैं ।अतः कोई भी डीलर अगर छेड़छाड़ करते हुए पाया जाता है तो उसे ₹100000 अगर दूसरी बार पाया जाता है तो उसके ट्रेड लाइसेंस को रद्द करने की खड़ी कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं।










