लखनऊ 26 जनवरी: भारत समेत राजधानी लखनऊ में आज 73वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर बेहतरीन रंगारंग कार्यक्रम आयोजित किया गया ।जहां उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जनपद उसक झांकियों के साथ यूपी के मुख्यमंत्री आदित्यनाथ जी ने भाषण के साथ झंडोत्तोलन किया। आगे बात करते हैं राष्ट्रीय ध्वज फहराने के सही नियम एवं तरीकों की जिसकी जानकारी आगे दी गई है।
अब कोई भी नागरिक किसी भी दिन फहरा सकता है झंडा

गौरतलब है कि साल 2002 से पहले आम आदमी केवल स्वतंत्रता दिवस एवं गणतंत्र दिवस के अवसर पर तिरंगा पर आ सकते था। केवल स्वतंत्रता दिवस एवं गणतंत्र दिवस के उपलक्ष पर ही आम नागरिक झंडा को फहराने का हकदार थे ।इसके उपरांत 26 जनवरी 2022 को इंडियन फ्लैग कोर्ट में संशोधन किया जिसके उपरांत कोई भी नागरिक किसी भी दिन झंडे को फहरा सकता है, वह इसके निमित्त कुछ नियम भी बनाए गए।
राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे की लंबाई एवं चौड़ाई का अनुपात 3:2 का होना अनिवार्य है ।
केसरिया रंग नीचे की तरफ नहीं फहराया जा सकता है ।
ध्यान रखने योग्य बातें हैं कि तिरंगे को सूर्योदय से लेकर सूर्यास्त के बीच में पाया जा सकता है इसके उपरांत झंडे को नहीं भरा जा सकता है।
झंडे को जमीन पर नहीं रखा जा सकता है । इसे राष्ट्र का अपमान समझा जायेगा ।
झंडे को कभी झुका हुआ नहीं रखा जाएगा, सिवाय कुछ चुनिंदा मौके की जो कि प्रशासन द्वारा जारी किया जाएगा।
झंडे को जलाना अपमान करना कानूनी अपराध है इसके लिए 3 साल की सजा का भी प्रावधान है
आपको यह भी बता दें कि झंडे को किसी मृत व्यक्ति केशव पर डालना अगर वह शहीद ऑन 4 जवान नहीं है तो यह दंडनीय अपराध माना जाता है वहीं मूर्ति पर लपेटना या उसका वस्त्र बनाकर पहले ने को भी दंडनीय अपराध माना गया है।
राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे पर किसी तरह का अक्षर या कुछ स्लोगन लिखना अपराध माना गया है ।किसी भी आयोजन में झंडे का इस्तेमाल मंच को ढकने, गाड़ी, वायुयान के छत आदि को ढकने के लिए इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है। अगर झंडा किसी कारण से फट जाए या इस्तेमाल करने योग्य नहीं रहे तो उसे मर्यादित और पर पूर्ण रूप से नष्ट किया जाए।










