
यूपी में गंगा एक्सप्रेस वे परियोजना का काम काफी तेजी से शुरू है । इस एक्सप्रेस वे के बनने से विकास को रफ्तार मिलेगी तथा मेरठ से लखनऊ समेत कई शहरों का सफर बेहद आसान हो जायेगा। मिशन शक्ति कार्यक्रम के उपलक्ष्य पर राजधानी लखनऊ में भारत की वित्त मंत्री निर्मला सीता शरण मौजूद थी, इस दौरान उन्होंने पंजाब नेशनल बैंक की ओर से प्रोजेक्ट के लिए ₹5100 करोड़ का चेक आवंटित किया।
भारत के वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (Uttar Pradesh Expressways Industrial Development Authority (UPEIDA) के नाम से इस चेक को जारी किया। गौरतलब है कि इस शुभ अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी भी मौजूद थे। जहां उन्होंने गंगा एक्सप्रेस-वे के बारे में भी चर्चा की एवं कहा कि इससे कई रोजगार उत्पन्न होंगे वहीं यात्रियों को बेहद सुविधा मिलेगी। इस एक्सप्रेस वे से प्रयागराज से लखनऊ भी महज 5 घंटे में पहुंचा जा सकेगा।
लखनऊ से मेरठ का सफर महज 5 घंटे में होगा पूरा
सूत्रों के अनुसार गंगा एक्सप्रेसवे में फोर व्हीलर गाड़ियां 120 के रफ्तार से दौड़ सकेगीं वहीं लखनऊ से मेरठ का सफर महज 5 घंटे के अंदर होगा पूरा। गौरतलब है की दूरी के हिसाब से अगर आंकड़ों की बात करें तो लखनऊ से मेरठ सड़क मार्ग से 577 किलोमीटर की दूरी पर है। आमतौर पर सड़क मार्ग से जाने से करीब 8 से 10 घंटे का समय देना पड़ता है ।लिहाजा गंगा एक्सप्रेस-वे ( Ganga Express Way ) पूरे होने के बाद यह घटकर लगभग 5 घंटे की हो जाएगी। जहां लखनऊ से मेरठ की दूरी महज 5 घंटे में होगी पूरी।
गंगा एक्सप्रेस-वे का रूट

गौरतलब है की गंगा एक्सप्रेस-वे शुरुआत मेरठ बुंदेलखंड मार्ग जिसे हम राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 334 भी कहते हैं, वहां से होगी। इसकी शुरुआत बिजोलिया गांव से होगी। बिजोलिया गांव से शुरुआत होकर प्रयागराज के जोधापुर दारू गांव के पास जाकर या मिलेगी। जिसमें मेरठ, हापुड़, अमरोहा, बुलंदशहर, संभल, बदायूं ,हरदोई, शाहजहांपुर रायबरेली, प्रतापगढ़, प्रयागराज, उन्नाव शामिल होंगे।
रोजगार के बढ़ेंगे अवसर
गौरतलब है की सबसे लंबी एक्सप्रेस-वे से जहां एक और यात्रियों को सुविधा मिलेगी वहीं एक्सप्रेस- वे के पास ढाबे एवं अन्य रोजगार भी उत्पन्न होंगे।
टोल टैक्स के पैसे से लौटाए जाएंगे कर्ज
गौरतलब है कि 5100 करोड़ की राशि गंगा एक्सप्रेस वे के लिए यूपी आईडीए को दी गई है। वहीं इस रकम को उत्तर प्रदेश सरकार 15 साल के दौरान टोल टैक्स लेकर, इसकी अदायगी करेगी। गंगा एक्सप्रेस-वे का रखरखाव की पूरी जिम्मेदारी इस दौरान Uttar Pradesh Expressways Industrial Development Authority (UPEIDA) की होगी।
गंगा एक्सप्रेस-वे उत्तर प्रदेश का सबसे लंबा एक्सप्रेस-वे बनेगा
गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश का यह सबसे लंबा एक्सप्रेस-वे होगा। इसकी लंबाई 594 किलोमीटर होगी। सूत्रों के अनुसार अभी तक 96% जमीन इसके लिए अधिकृत कर ली गई है ।वहीं 36 हज़ार 230 करोड़ रुपए की लागत से तैयार होने वाला है एक्सप्रेस की शुरुआत जल्द की जाएगी। शासन स्तर पर प्रक्रिया तेजी से चल रही है।









