
लखनऊ 1 दिसंबर: राजधानी लखनऊ में इलेक्ट्रिक बसों का संचालन कोपपूर्ण रूप से शुरू हो चुका है जहां इसके तहत रूट के साथ किराया और चार्जिंग प्वाइंट की जगह तय कर ली गई है। योजना के अनुसार चीज़ें कार्यान्वित कर ली गई है। पीपीपी मॉडल के तहत सरकार के साथ सहभागिता के साथ इन इलेक्ट्रिक बसों का संचालन किया जा रहा है। वहीं सीएनजी बसों के साथ इलेक्ट्रिक बसों के अलग अलग रूटों को चिन्हित कर यात्रियों के सफर को सुलभ और सुगम बनाया जा रहा है। गौरतलब है की इलेक्ट्रिक एसी बसों के कुल 5 रूटों पर चलाया जा रहा है। वहीं टकराव की स्तिथि पैदा ना हो इसलिए सीएनजी और इलेक्ट्रिक बसों के रूट को अलग अलग रखा गया है।
राजधानी लखनऊ में इन 5 रूटों पर चल रहीं इलेक्ट्रिक बसें
दुबग्गा बस डिपो से अवध अस्पताल, चारबाग बस डिपो, हजरतगंज जीपीओ , दिलकूश चौराहा, अर्जुन गंज होते हुए आइटी के बाद गोसाईगंज
कैसरबाग बस डिपो से निकलकर पुरानी लखनऊ चौक के रास्ते बालागंज होते हुए दुबग्गा बस डिपो होते हुए काकोरी और मलिहाबाद ( अलग अलग ग्रामीण इलाकों को जोड़ा गया है)
लखनऊ घनटाघर से बालागंज, दुबग्गा जेहटा, माल के रास्ते बरगादीया
दुबग्गा बस डिपो से कैसरबाग डालीगंज होते हुए पक्का पुल के रास्ते मडियावां बिकेटी के रास्ते इटौंजा
बालागंज से बाईपास सीतापुर होते हुए इंजिनियरिंग कॉलेज के रास्ते मुंशीपुलिया पॉलिटेक्निक अवध बस स्टेशन
लखनऊ को अमृत महोत्सव में मिली थे 60 बसें

आपको बता दें की अमृत महोत्सव में प्रधानमंत्री मोदी जी ने कुल 60 बसों को वर्चुअल तरीके से हरी झंडी दी थी। वहीं आपको बात दें की पहले 100 बस राजधानी को मिलने वाली थी जिसमें की 60 बसें लखनऊ को मिली हैं जिसमें कुल 49 बसो का संचालन शुरू हो गया है।
जल्दी शुरू होगी कार्ड और क्यूआर स्कैन से पेमेंट सुविधा

यात्रियों को आराम देने के लिए अब सिटी परिवहन निदेशक पल्लव बोस के अनुसार जल्द ही कार्ड पेमेंट की सुविधा शुरू की जाएगी। इससे जहां फुटकर पैसे को लेकर यात्री और कंडक्टर विवाद की भी समाप्ति हो जायेगी। वहीं कैश लैस प्रक्रिया को भी बढ़ावा मिलेगा।
इन 5 जगहों पर राजधानी लखनऊ में इलेक्ट्रिक बस चार्जिंग प्वाइंट
गौरतलब है की राजधानी लखनऊ में कुल 60 इलेक्ट्रिक बसों के लिए चार्जिंग प्वाइंट बना लिया गया है जिसमें पी 4, राजाजीपुरम, विरामखंड, दुबग्गा तथा राम राम बैंक चौराहा शामिल है। गौरतलब है की इलेक्ट्रिक बस को 45 मिनिट में चार्ज कर लिया जाता है जीके उपरांत इलेक्ट्रिक बस 150 किलोमीटर का सफर तय करने में सक्षम रहती है।









