किसान ने अपनी बिटिया तपस्या परिहार को बना दिया IAS ऑफिसर, सच्ची लगन, मेहनत से लिखी तपस्या ने सफलता की कहानी

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Farmer made his daughter Tapasya Parihar an IAS officer, true passion, hard work written success story
किसान ने अपनी बिटिया तपस्या परिहार को बना दिया IAS ऑफिसर, सच्ची लगन, मेहनत से लिखी सफलता की कहानी

किसी ने सच कहा है सपने देखने की हिम्मत रखें तभी तो उस सपने को पूरी करने की दिशा में मेहनत करेगें।देश के अन्नदाता किसान ने अपनी होनहार बिटिया तपस्या (IAS TAPASYA) को खुद कसर में रह कर बना दिया IAS ऑफिसर। मध्य प्रदेश एक छोटे से जिले में रहने वाली तपस्या परिहार की सफलता की कहानी अपने आप में मिसाल है। मध्यप्रदेश के नरसिंहपुर में रहने वाली तपस्या परिहार साल 2017 में अपने दूसरे प्रयास में यूपीएससी (UPSC) का एग्जाम क्लियर किया ।जहां उन्होंने 23 वीं रैंक पाकर ना केवल मध्यप्रदेश के नरसिंहपुर को मानचित्र पर ले आई वहीं पूरे देश का नाम रौशन किया।

छोटी सी गांव के किसान पिता ने अपनी बेटी के सपनों को उड़ान

गौरतलब है कि छोटे से जगह से किसानी कर रहे तपस्या के पिता की सोच केवल तपस्या को आगे बढ़ाने की थी। तपस्या खूब आगे पढ़े लिखे एवं अपने पैरों पर खड़े हो  इसके लिए उनके पिता एवं परिवार वालों ने उनका खूब साथ एवं सहयोग दिया ।यह पिता एवं परिवार का आशीर्वाद ही था कि खुद तपस्या करके तपस्या को इतनी बुलंदी तक पहुंचा दिया। तपस्या के पिता का नाम विश्वास परिहार है जो कि एक किसान हैं तथा माताजी गृहणी है ।इनका नाम ज्योति परिहार है। तपस्या के पिता श्री विश्वास परिहार ने कभी भी अपनी बेटी की पढ़ाई में रुकावट नहीं आने दे कर कसर करके अपनी बेटी के लिए हर कदम पर खड़े रहे ।

शुरुआत से ही थी पढ़ाई में तेज

तपस्या परिहार शुरुआत से ही पढ़ाई में तेज थी, जहां हमेशा वह अव्वल आया करती थी ।तपस्या की पढ़ाई में रुचि देखकर उनके परिवार वालों ने उन्हें खूब सपोर्ट किया एवं यूपीएससी की परीक्षा के लिए प्रेरित किया। गौरतलब है कि साल में 1000000 से अधिक अभ्यर्थी महज एक हजार UPSC  पद के लिए आवेदन देते हैं। उनमें से तपस्या परिहार ने 23 वीं पोजीशन लाकर  मध्य प्रदेश का नाम रोशन किया।

तपस्या की शिक्षा

किसान ने अपनी बिटिया तपस्या परिहार को बना दिया IAS ऑफिसर, सच्ची लगन, मेहनत से लिखी सफलता की कहानी

गौरतलब है की तपस्या परिहार ने पुणे से लॉ सोसायटी कॉलेज से अपनी ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की। इसके उपरांत उन्होंने यूपीएससी की तैयारी शुरू की। प्रथम प्रयास में असफल होने के बाद उन्होंने हार नहीं मानी। तपस्या परिहार ने पहली प्रयास में UPSC  प्री परीक्षा भी पास नहीं कर पाई थी । लेकिन उनके जज्बे को सलाम है जहां उन्होंने दूसरे प्रयास में 23 मे पोजीशन ला कर सनसनी फैला दिया।

दूसरे प्रयास में कोचिंग का नहीं लिया सहारा

किसान ने अपनी बिटिया तपस्या परिहार को बना दिया IAS ऑफिसर, सच्ची लगन, मेहनत से लिखी सफलता की कहानी

तपस्या परिहार के अनुसार  सेल्फ स्टडी ही सबसे अच्छे स्टडी है ।जहां आप  एकाग्र चित्त होकर पूरा ध्यान लगाकर पढ़ाई कर सकते हैं ।,वही कोचिंग संस्थानों में छात्रों की संख्या अधिक होती है जहां शिक्षक सभी छात्रों पर ध्यान नहीं दे पाते। अतः तपस्या परिहार के अनुसार सेल्फ स्टडी (self-study ) और खुद से बनाया गया नोट से पढाई की । उनके अनुसार प्रारंभिक समय में आप कोचिंग की मदद ले सकते हैं लेकिन पढ़ाई आपको खुद ही करनी होगी, कोचिंग के भरोसे आप पास नहीं कर सकते।

सिलेबस में किया फोकस और आठ से 10 घंटे के की पढ़ाई

तपस्या परिहार ने कहा कि उन्होंने सिलेबस पूरा फोकस किया तथा लक्ष्य केंद्रित कर  टॉपिक्स के अनुसार पढ़ाई करते रहीं । जहां व अनुशासन के साथ नियमित 8 से 10 घंटे तक पढ़ाई करती रहीं । वहीं उन्होंने यह भी कहा कि आप 1 दिन में 16 से 18 घंटे पढ़ाई कर सकते हैं लेकिन हर दिन नहीं कर सकते ।आपको खुद को मोटिवेट रखने की जरूरत होती है आप पूर्ण स्ट्रेटजी के साथ पढ़ाई करें आपके लिए अच्छा होगा।

सफलता का मूल मंत्र

यूपीएससी की परीक्षा में 23 वां स्थान लाने वाली तपस्या परिहार ने कहा कि सफलता का मूल मंत्र मेहनत है एवं अपने लक्ष्य पर आंखें टिका रहना ही आपको लक्ष्य प्राप्ति करवाएगा अनुशासन के साथ नियमित पढ़ाई करते रहे एकाग्र चित्त रहें मोटिवेटेड रहे।

 

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