लखनऊ : 30 जुलाई के रात बाराबीरवा क्रॉसिंग के पास हुए थप्पड़ कांड में जिस रात पीड़ित कैब ड्राइवर चिल्लाता रहा की मैंने कुछ नहीं किया, “मैं गरीब आदमी हु, मालिक का फोन तोड़ दिया, मैं कहां से उनको दूंगा” शब्द अंदर ही अंदर जैसे हजारों सवाल खड़े करते हैं। ये पीड़ा केवल उस कैब ड्राइवर की नहीं है इस पीड़ा में लाखों लोग शामिल हैं। जिसने भी इस हादसे को देखा। वहीं 4 अगस्त को इंडिया टुडे से बात करते हुए कैब ड्राइवर सहादत बेहद भावुक दिखे और खुदकुशी करने तक की बात कर दी थी।
अगर न्याय नहीं मिला तो कर लूंगा खुदखुशी
LUCKNOW CAB DRIVER TALKING TO INDIA TODAY pic.twitter.com/G8Dz4k9z5d
— Lucknow (@lucknownews4) August 14, 2021
गौरतलब एक युवती के खिलाफ 4 धाराएं लगाई गई हैं ।वहीं लूटपाट की धारा को पुलिस ने सिरे से खारिज कर हटा दिया है। इसके बाद आए इंटरव्यू में पीड़ित के प्रवेश आदि ने कहा है कि मामले को एवं केस को पुलिस ने लूटपाट की धारा को हटाते हुए हल्का कर दिया ।वहीं 4 अगस्त को जारी वीडियो में उन्होंने साफ शब्दों में कहा था कि अगर युवती पर कार्रवाई नहीं हुई तो वह आत्महत्या कर लेंगे।
पीड़ित कैब ड्राइवर सहादत अली नहीं करेंगे सुलह
22 थप्पड़ खाने के बावजूद अपना हाथ में उठाने वाले एवं गलत शब्दों का इस्तेमाल न करने वाले सहादत अली को भारतीय संविधान पर पूर्ण भरोसा है। उन्होंने कहा कि वह किसी भी कीमत पर युवती से सुलह नहीं करेंगे ।उनकी इज्जत उनकी मर्यादा उनका सम्मान उनके लिए सब कुछ है ।वह अपने सम्मान के लिए अपने हक के लिए लड़ाई करेंगे और इससे कोर्ट में लेकर जरूर जाएंगे।
डराने वाली बात
अगर जिस उम्मीद और आस के सहारे पीड़ित कैब ड्राइवर अपने सम्मान की लड़ाई लड़ रहे हैं ।अगर उन्हें वह सम्मान वापिस नहीं मिला तो डर यह भी की पीड़ित कैब ड्राइवर कुछ गलत कदम ना उठा लें ।जैसा की वो वीडियो में बोल रहे हैं। कैब ड्राइवर बड़े ही सुलझे युवक हैं वहीँ पुरे देश का सपोर्ट पा कर वह खुश हैं । जहाँ उनसे सभी की यही गुजारिश होगी की अपने सयम और धैर्य को ना खोये । पूरा देश आपके साथ है । आत्मसम्मान की इस लड़ाई में उन्हें लखनऊ की जनता का जो प्यार मिला है वह बड़ा सराहनीय है । ऐसा साफ़ प्रतीत होता है की मानवता ज़िंदा है ।










