आजम खान और उनके बेटे को सुप्रीम कोर्ट ने दी इस मामले में जमानत, यूपी सरकार ने किया जमानत पर विरोध
सुप्रीम कोर्ट आजम खान और उनके बेटे को पैन कार्ड फर्जीवाड़ा मामले में राहत देते हुए जमानत की अर्जी स्वीकृत कर ली गई है। हालांकि जमानत के आदेश ट्रायल कोर्ट में शिकायतकर्ता भाजपा नेता का बयान दर्ज होने के बाद ही प्रभावी होगा।
जस्टिस खन्ना और खानविलकर ने क्या कहा
केस दस्तावेज को लेकर है और जिसकी पूरी छान बीन हो गई है और इसके साथ ही चारशीट भी दायर कर दिया गया है। कानून के अनुसार पिता व पुत्र को जमानत दी जा सकती है।
इलाहाबाद ने पिछले वर्ष जमानत से किया था इनकार
गौरतलब है की आजम खान पुत्र पर यह आरोप था कि विधानसभा चुनाव 2017 में उन्होंने फर्जी पैन कार्ड बनवाकर चुनाव लड़ने का पात्र बनाया गया था।अब्दुल्ला आजम के दो पैन कार्ड और पासपोर्ट के मामले में अदालत ने जमानत अर्जी खारिज कर दी थी।
यूपी सरकार की ओर से लड़ रहे एसवी राजू ने कहा की आजम खान जो जमानत देना ठीक नहीं होगा इनपर ट्रस्ट के करोड़ों की जमीन को अपने ट्रस्ट के नाम करने का बड़ा फर्जीवाड़ शामिल है। ऐसे में अगर उनको रिहाई मिलती है तो वह गवाहों को डरा धमका के प्रभावित कर सकते हैं। आजम खान के वकील ने यह दलील दी है की उनके मुवक्किल पर गलत मंशा के तहत केस दायर किए गए हैं जिनमें से 87 केस में 84 केस में उन्हे जमानत दे दी गई है।
यूपी सरकार की ओर से लड़ रहे एसवी राजू ने कहा की आजम खान जो जमानत देना ठीक नहीं होगा इनपर ट्रस्ट के करोड़ों की जमीन को अपने ट्रस्ट के नाम करने का बड़ा फर्जीवाड़ शामिल है। ऐसे में अगर उनको रिहाई मिलती है तो वह गवाहों को डरा धमका के प्रभावित कर सकते हैं। आजम खान के वकील ने यह दलील दी है की उनके मुवक्किल पर गलत मंशा के तहत केस दायर किए गए हैं जिनमें से 87 केस में 84 केस में उन्हे जमानत दे दी गई है।










