2022 के विधानसभा चुनाव में असदुद्दीन ओवैसी यूपी में इसमें 100 सीटों के साथ लड़ने की घोषणा कर चुके हैं। इस ऐलान के बाद बसपा,सपा और कांग्रेस के खमें में खलबली मच गई है ।जहां असदुद्दीन ओवैसी इन पार्टियों के सामने अब एक चुनौती बनकर सामने आए हैं ।
गौरतलब है कि मायावती पहले ही साफ कर चुके हैं कि वह पंजाब में अकाली दल को छोड़कर किसी भी प्रदेश में पार्टी के साथ गठबंधन नहीं करेगी । इस बार बसपा किसी अन्य बड़ी पार्टी के साथ गठबंधन करती नजर नहीं आएगी ।
वोट बैंक की राजनीति
वहीं दूसरी ओर समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पार्टी में मुस्लिम वोट बैंक खिसकने का खतरा मंडराने लगा है ।देखना दिलचस्प होगा कि चुनावी सियासत में असदुद्दीन ओवैसी किस तरीके से सपा बसपा और कांग्रेस पर भारी पड़ते हैं।
समीकरण में हो रहे हैं बदलाव
जैसे-जैसे उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव 2022 नजदीक आ रही है वैसे ही सियासी समीकरण में रोज नए-नए बदलाव देखने मिल रहे हैं ।वहीं अटकलों और कयासों पर विराम लगाते हुए भाजपा ने एक बार फिर योगी आदित्यनाथ के चेहरे को मैदान में उतारने की तैयारी कर ली है।
वहीं दूसरी ओर बसपा ने साफ किया कि वह किसी से भी हाथ मिलाकर काम नहीं करेगी ।वहीं दूसरी ओर सपा ने भी साफ कर दिया कि वह इस बार कांग्रेस का दामन नहीं पकड़ेगी।
असदुद्दीन ओवैसी ने इस पार्टी से किया गठबंधन
दूसरी ओर असदुद्दीन ओवैसी ने उत्तर प्रदेश में 100 सीटों में लड़ने की घोषणा कर दी है। ओवैसी के अनुसार पार्टी का भी एक सिर्फ ओमप्रकाश राजभर की पार्टी के साथ गठबंधन है ।वही आगे चलकर वह कुछ और भी गठबंधन कर सकते हैं।
असदुद्दीन ओवैसी ने ट्विटर पर यह जानकारी देते हुए लिखा
उ.प्र. चुनाव को लेकर मैं कुछ बातें आपके सामने रख देना चाहता हूँ:-
1) हमने फैसला लिया है कि हम 100 सीटों पर अपना उम्मीदवार खड़ा करेंगे, पार्टी ने उम्मीदवारों को चुनने का प्रक्रिया शुरू कर दी है और हमने उम्मीदवार आवेदन पत्र भी जारी कर दिया है।1/2
— Asaduddin Owaisi (@asadowaisi) June 27, 2021
असदुद्दीन ओवैसी ने ट्विटर पर यह जानकारी देते हुए लिखा कि उत्तर प्रदेश चुनाव को लेकर में कुछ बातें को साफ कर देना चाहता हूं हमने फैसला किया कि हम 100 सीटों पर अपने उम्मीदवार खड़े करेंगे पार्टी ने उम्मीदवार को शुरू कर दिए हमने उम्मीदवार आवेदन पत्र भी जारी कर दिए हैं ओमप्रकाश राजभर साहब भागीदार संकल्प मोर्चा के साथ हैं ।फिलहाल उन्हीं के साथ हमने गठबंधन किया है हमारी और किसी पार्टी के साथ गठबंधन के सिलसिले में कोई भी वार्तालाप नहीं हुई है ।
दूसरी ओर असदुद्दीन ओवैसी की इस ऐलान के बाद सपा और कांग्रेस खेमे में हड़कंप मच गया है ।उन्हें पता है कि वह जाती विशेष के वोटरों को ओवैसी अपनी ओर खींच सकते हैं ।विधानसभा चुनाव 2022 के लिए अखिलेश यादव ने साफ कर दिया कि वह केवल क्षेत्रीय दलों के साथ ही गठबंधन करते नजर आएंगे ।
ओवैसी की पार्टी का विधानसभा में प्रदर्शन
| 2018 विधानसभा चुनाव | तेलंगाना के विधासभा चुनाव में ओवैसी की पार्टी ने 7 सीटों पर जीत दर्ज की थी |
| 2019 विधानसभा चुनाव | महाराष्ट्र में हुए विधानसभा चुनाव में ओवैसी की पार्टी ने 2 सीट जीती थी |
| 2020 विधानसभा चुनाव | बिहार में हुए विधानसभा चुनाव में ओवैसी की पार्टी ने 5 सीट जीती थी |
| 2020 विधानसभा चुनाव | बंगाल में ओवैसी की पार्टी को एक भी सीट पर जीत नहीं मिली |










