लखनऊ उत्तर प्रदेश प्रशासन की सख्ती के बाद अब लखनऊ आरटीओ एवं परिवहन विभाग के चेकिंग दलों ने सख्ती बरतनी शुरू कर दी है जहां अब ट्रैफिक नियमों की अवहेलना करने पर लोगों की ताबड़तोड़ चालान कट रहे हैं। इसके तहत हजरतगंज चौराहा,1090 चौराहा और पॉलिटेक्निक चौराहे पर चेकिंग के अभियान के लिए चिन्हित कर लिया गया है।
एक बार फिर लखनऊ प्रशासन यातायात ट्रैफिक को लेकर सजग एवं सक्रिय है । जहां अब ध्वनि प्रदूषण वायु प्रदूषण फैलाने वाले वाहन के 10 हजार तक के बड़ा चालान काटे जा रहे हैं ।वहीं दूसरी ओर प्रेशर हार्न का इस्तेमाल करने वाले और धुवां उगलने वाले गाड़ियों को आईटीएमएस कैमरो से कंट्रोल रूम से ही चिन्हित कर उनके चालान काटे जा रहे हैं।
गौरतलब है कि ट्रैफिक पुलिस को कुल 900 मोबाइल फोन आवंटित किया गए हैं, जिससे वह कंट्रोल रूम से कनेक्ट रह सके। वही आईटीएमएस के 132 चौराहों पर सीसीटीवी कैमरे को कंट्रोल रूम से कनेक्ट कर दिया गया है ,जिससे यातायात ट्रेफिक और उनको तोड़ने वालों पर नकेल कसी जा सके।
प्रेशर हॉर्न का प्रयोग वर्जित
लखनऊ शहर में कुछ वाहन प्रेशर हार्न का इस्तेमाल कर रहे हैं ।जिससे ध्वनि प्रदूषण फैलती है। यातायात पुलिस के अनुसार किसी भी सामान्य वाहन के हॉर्न की आवाज 93 से 112 डेसीबल होनी चाहिए, अगर इससे अधिक होती है तो उसे ट्रैफिक नियम को तोड़ना माना जाता है।
वायु व धवनि प्रदूषण करने पर 10000 तक का जुर्माना

व्हीकल एक्ट के अनुसार वायु और ध्वनि प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों पर नकेल कसने के लिए नियमानुसार ₹10000 तक का फाइन का प्रावधान है ।
पिछले 1 साल में जानिए कितने हुए लखनऊ में चालान
पिछले साल की बात की जाए तो ट्रैफिक पुलिस ने बिना हेलमेट के 7242 लोगों को पकड़ा ।अवैध बस संचालन के 1211 तथा ओवरलोडिंग के 142 मामलों में चालान कटे हैं ।वायु प्रदूषण के तहत 864 चालान काटे गए हैं ।वही ट्रकों में ओवरलोडिंग के 518 चालान काटे गए हैं तथा ट्रैक्टर ट्रॉली के 52 केस में चालान काटे गए हैं।
इन नियमों का करना होगा पालन
गौरतलब है कि डीजल के टेंपो पर शहर में मनाई हो गई है ।वहीं दूसरी ओर बीएस-2 के प्राइवेट और बीएस-2 के कमर्शियल गाड़ी को पीयूसी लेना अनिवार्य होगा।










