लखनऊ ,26 जुलाई, आरटीओ प्रवर्तन संदीप कुमार पंकज जी ने हैरान करने वाली बात बताई जहां आंकड़ों के आधार पर लखनऊ में लगभग रोज एक व्यक्ति की मौत गाड़ी चलाते वक्त मोबाइल से बात करने से हो रही है।
जानिए सबसे अधिक चालान काटने की वजह

इसके अलावा उन्होंने यह भी कहा कि लखनऊ में सबसे ज्यादा चालान बिना हेलमेट वालों की की जा रही है। लोगों को यह समझ नहीं आ रहा कि हेलमेट उनकी सुरक्षा के लिए उन्हें हाथ में रखना या डिक्की में रखने का कोई तुक नहीं है।लखनऊ शहर की सबसे अच्छी बात यह रही कि आरटीओ चेकिंग के दौरान यह सामने आया है कि एक भी ड्रिंक एंड ड्राइव में चालान नहीं हुआ है।
हैरान करने वाले आंकड़े
गौरतलब है की पिछले एक साल में कुल 2693 हादसे को दर्ज किया गया जहाँ लोग मोबाइल इस्तेमाल करते हुए हादसा का शिकार हुए । लेकिन लखनऊ में चालान की संख्या कम प्रतीत हुई है । गौर करने वाली बात यह है की 1 अप्रैल से 31 मार्च 2021 के बीच कुल 312 लोगों ने अपनी जान मोबाइल का इस्तेमाल करते हुए किया है ।
1 साल में जानिए किन अपराधों पर कैप चालान काटा
| बिना हेलमेट | 7242 |
| अवैध बस संचलान | 1211 |
| प्रेशर हॉर्न | 472 |
| ओवरलोडिंग | 142 |
| वायु प्रदूषण | 864 |
| ट्रक ओवरलोडिंग | 518 |
| रेट्रो रिफ्लेक्टर | 392 |
ऐसे में लोगों की लापरवाही की वजह से कई जान संकट में आ जाती हैं । यातायात के नियमों का पालन करना सभी नागरिकों का कर्तव्य है । इसके हलके में आंकने की गलती कदापि ना करें । लखनऊ में सर्वाधिक चलाना बिना हेलमेट वालो की होती है ।










