
लखनऊ 1 नवंबर: मानवता और इंसानियत को ताक पर रख कर मुनाफा खोरी के चक्कर के लखनऊ के कई फर्जी व अवैध ट्रामा सेंटर पर पुलिस टीम की दबीस जारी है जहां आपको यह भी सूचित कर दें की जुलाई के महीने में इसी वर्ष लगभग 40 से अधिक ट्रामा सेंटर पर बड़ी कार्यवाही की गई थी वहीं सीएमओ द्वारा पत्र भी जारी किया गया था। जहां सबसे अधिक फर्जी ट्रामा सेंटर लखनऊ के रायबरेली रोड पर पाए गए थे। जहां महज 10 किलोमीटर रेंज में 10 से अधिक ट्रामा सेंटर पाए गए थे जिसमें ना ही क्वालिफाइड डॉक्टर थे और ना ही मूलभूत सुविधाएं।
इन ट्रामा सेंटर व अस्पतालों को किया गया सील
मड़ियावा का उजाला नर्सिंग होम
दुबग्गा स्तिथ साधना अस्पताल
आईआईएम रोड पर स्थित रमेश जनसेवा अस्पताल
मड़ियावा में स्थित शालिनी हॉस्पिटल एवं ट्रामा सेंटर
सीतापुर रोड पर स्थित सम्राट हॉस्पिटल
बेस्ट केयर ट्रामा सेंटर
हिम सिटी हॉस्पिटल
मडिया में स्थित गैलेक्सी हॉस्पिटल
न्यू एशियन अस्पताल
शेफाली हॉस्पिटल
हरदोई रोड स्थित न्यू सहारा अस्पताल एवं मेटरनिटी सेंटर
दुबग्गा स्थित काकोरी अस्पताल
मड़ियाव स्थित रमेश जनसेवार्थ अस्पताल
वेल्कम हॉस्पिटल
इस वर्ष जुलाई में इन सेण्टर पर स्वास्थ्य विभाग और पुलिस टीम की हुई थी कार्यवाही

काकोरी हॉस्पिटल लखनऊ
तुलसी हॉस्पिटल
मेड़वींन हॉस्पिटल
साधना हॉस्पिटल
नई एशियन हॉस्पिटल
इकना हॉस्पिटल एंड ट्रामा सेण्टर
हिन्द हॉस्पिटल
मॉडर्न हॉस्पिटल एंड मेटरनिटी सेण्टर
एसएन हॉस्पिटल
लक्ष्य हॉस्पिटल
चंद्रा हॉस्पिटल
सिमाना हॉस्पिटल
श्री रमेश जनसेवार्थ हॉस्पिटल
शालिनी हॉस्पिटल
उन्निति हॉस्पिटल एंड ट्रामा सेण्टर
सम्राट हॉस्पिटल
हिमसिटी हॉस्पिटल
जैना हॉस्पिटल एंड ट्रामा सेण्टर
शेफाली ऑय केयर एंड हॉस्पिटल
गैलेक्सी हॉस्पिटल
सनफोर्ड हॉस्पिटल एंड ट्रामा सेण्टर
वेलकम हॉस्पिटल
प्रभाकर हॉस्पिटल
हर्बल हॉस्पिटल एंड ट्रामा सेण्टर
दीपक लाइफ साइंस एंड ट्रामा सेण्टर
उजाला हॉस्पिटल एंड ट्रामा सेण्टर
बुद्धा हॉस्पिटल एंड ट्रामा सेण्टर
मेडी प्लस हॉस्पिटल एंड ट्रामा सेण्टर
बेस्ट केयर हॉस्पिटल एंड ट्रामा सेण्टर
जुलाई में भी हो चुके थे कुछ हॉस्पिटल और ट्रामा सेंटर सील
ग़ौरतलब है की जुलाई में भी डीएम अभिषेक प्रकाश की अगुवाई में 6 टीमों गठन कर छापेमारी का सिलसिला चला था , जहां कुल 45 हॉस्पिटल में बड़ी कमियाँ उजागर हुई थी वहीं 26 अस्पताल में यूरो,नयूरो आर्थों आदि के डॉक्टर ही नहीं पाए गए थे । वहीं बीए ,बीएससी के छात्र डॉक्टर की भूमिका में थे । यही नहीं कुछ आईसीयू में वेंटिलेटर जैसे मूलभूत चीजें भी उपलब्ध नहीं थी।
टीम 9 की बैठक में दिया गया निर्देश
आपको बता दें की योगी आदित्यनाथ जी की अगुवाई में पहले ही जुलाई के महीने में सख्त आदेश दे दिए गए थे वहीँ इन सभी ट्रामा सेण्टर को नोटिस भेजकर सवाल जवाब भी किये गए हैं , इसके साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जायेगा की अगर नोटिस का जवाब 20 दिन में नहीं आता है तो इन सब ट्रामा सेण्टर पर बड़ी कार्यवाही भी हो सकती है ।
प्रथम व द्वितीय वर्ष के छात्र कर रहे थे इलाज
गौरतलब है की डायलिसिस रूम की स्थिति बेहद ख़राब पाई गयी ।अस्पताल के बहार अंकित डॉक्टरों के नाम में से अधिकांश डॉक्टर गायब । कुछ ट्रामा सेंटर बिना पंजीकरण किए मरीजों को एडमिट किया गया । पोस्ट ऑपरेशन रूम के साथ साथ मूलभूत चीजें नदारत । मेडिकल के प्रथम व द्वितीय वर्ष के छात्र ऑपरेशन थिएटर में टेक्नीशियन की भूमिका अदा करते पाए गए ।









