लखनऊ में ओड़ोओपी प्रदर्शनी हुई समाप्त, जमकर हुई कन्नौज के इत्र, गोरखपुर के टेराकोटा, प्रयागराज का मूंज की खरीदारी

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OPOP exhibition ends in Lucknow, the purchase of perfumes of Kannauj, terracotta of Gorakhpur, Moonj from Prayagraj
लखनऊ में OPOP प्रदर्शनी हुई समाप्त, जमकर हुई कन्नौज के इत्र, गोरखपुर के टेराकोटा, प्रयागराज का मूंज की खरीदारी Picture:Lucknow News 24

लखनऊ 5 दिसंबर : आखिरकार ओड़ोओपी उत्पादों (OPOP Exhibition Lucknow)ने लखनऊ वासियों का दिल जीतने के बाद विदाई ली। जहां 28 दिसंबर 2021 से प्रदर्शनी और बिक्री की प्रक्रिया जारी हुई वहीं 3 जनवरी 2022 तक यह प्रदर्शनी चली। जिसमें उत्तरप्रदेश के विभिन्न जनपदों के खास उत्पाद बेचे गए जिसमें ना केवल लखनऊ के बल्कि बाकी जगहों से भी कई लोगों ने आकर बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया और जमकर खरीदारी की। आपको बता दें की यह प्रदर्शनी और बिक्री ओड़ोओपी वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट को प्रमोट और स्वदेशी चीजों को प्रमोट करने के लिए किया गया था। काफी लोग ऐसे भी हैं जिन्होंने उत्तरप्रदेश की कला के बारे में इस मेले से पता चला। वहीं लोगों ने जमकर अलग अलग जनपदों के आइटम की जमकर खरीदारी कर कामगारों की  हौसला अफजाई की।

कन्नौज की इत्र रहा खास

कन्नौज का इत्र ने खूब सुर्खियां बटोरी । जहां कन्नौज के इत्र की बात करें तो जीनत, चंदन, शामामा, मुस्क, जुलैखा, कस्तूरी, मुखल्लत, जन्नतुल ने लोगों का दिल जीता। जहां इत्र की लोगों ने खूब खरीदारी की, ना केवल अपने लिए बल्कि परिवार दोस्तों आदि को गिफ्ट करने के लिए लोगों ने खरीदारी की।

गोरखपुर के टेराकोटा से लेकर प्रयागराज का मूंज का उत्पाद में भी लोगों की दिलचस्पी

गौरतलब है की प्रयागराज के मूंज उत्पाद तथा फूड प्रोसेसिंग को लोगों ने सरहाया। वहीं गोरखपुर के टेराकोटा भी लोगों की बनी पसंद ।

सीतापुर की दरी के साथ गाजीपुर के जूट वाले हैंगिंग

सीतापुर की दरी और चटाई के साथ गाजीपुर के जूट वाली हैंगिंग करने वाले उत्पादों में भी लोगों ने बेहद रुचि दिखाई।

एटा की घुंघरू और कानपुर के लेदर ने बांधा समा

जनपद एटा के पीतल के समान के साथ घुंघुरू लोगों का आकर्षण रहे जहां लोगों के घुंघरू के साथ दशकों से चली आ रहीं कानपुर के लेदर को भी खूब सरहाया। लेदर के जैकेट, बैग, बेल्ट आदि खूब बड़े ही किफायती दामों में बिके। इसके साथ ही ऊन के बने हुए हैंडी क्राफ्ट की भी खूब बिकवाली हुई।

सिद्धार्थनगर के कला नमक चावल की भी बिकवाली

गौरतलब है की जनपद सिद्धार्थनगर के काला चावल की भी खूब बिकवाली हुई। जहां लोगों ने चावल के स्वाद की वजह से काला नमक चावल काफी प्रचलित है। वहीं भधोई की कालीन के साथ लखनऊ के जर्दोजी वर्क के साथ सहारनपुर के लकड़ी की कलाकृति काफी बिकीं। इसके साथ ही कई लोकल स्टॉल में भी लोगों ने गर्मजोशी के साथ खरीदारी की और वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट के इस प्रदर्शनी को सफल बनाया।

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