Lucknow News: लखनऊ. उत्तर प्रदेश में योगी सरकार एक बार फिर एक्शन में है। माफियाओं के खिलाफ काल बने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री सीएम योगी के आदेश पर प्रदेश में माफियाओं के खिलाफ ताबड़तोड़ कार्रवाई (Action against UP Mafia) ताबड़तोड़ एक्शन ले जा रे। प्रशासन एकजुट होकर माफिया के नेक्सस को खत्म करने के लिए संकल्पबद्ध है। यूपी में माफिया छुपने को जगह ढूंढ रहे हैं. योगी सरकार ने जनवरी 2020 से अप्रैल 2021 तक 5558 मामले दर्ज कीए हैं। जिनमें 22,259 के खिलाफ कार्रवाई की गई है।
योगी सरकार के चलाये गए गैंगस्टर एक्ट के तहत सपा सरकार में मंत्री पद पर आसीन रहे इक़बाल अली व उनके पिता अजमत अली की अवैध संपत्ति लगभग 2 अरब 54 करोड़ को जप्त कर लिया गया है ।एसीपी अलीगंज अखिलेश सिंह के अनुसार कुर्क करने का आदेश प्राप्त होने के फ़ौरन बाद पिता पुत्र की सम्पत्तियों की सूची तैयार करायी गई उसके उपरांत कुर्की की प्रक्रिया शुरू की गई ।
क्या क्या हुआ जप्त
| 1 | कैरीयर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड हॉस्पिटल के एकेडमिक ब्लॉक |
| 2 | एमबीबीएस ब्वॉयज हॉस्टल |
| 3 | हॉस्पिटल ब्लॉक,कैंपस |
| 4 | कैरियर पीजी इंस्टीट्यूट ऑफ डेंटल साइंसेज एंड हॉस्पिटल |
| 5 | डेंटल हॉस्पिटल |
| 6 | इंटर्न ब्वॉयज हॉस्टल |
| 7 | नर्सिंग कॉलेज |
| 8 | एमबीबीएस गर्ल्स हॉस्टल |
| 9 | स्टेडियम |
| 10 | कैंटीन, मेस |
आपको बता दें की की जब सपा सरकार थी तो मंत्री पद पर मोहम्मद इक़बाल आसीन थे ।गलत तरीके से बनाया गया धन, कागजी दस्तावेज में बड़ी गड़बड़ी, भूमि हड़पने का मामला पाए जाने के बाद यह कदम उठाया गया ।
यही नहीं अजमत अली और मोहम्मद इकबाल और उसके परिवार के नाम पर बने ट्रस्ट की रक़म, बेनाम पैसे, महंगी कारें, घर आदि को भी जप्त करने का आदेश प्रसाशन ने दिया है । पुलिस कमिश्नरेट के अनुसार आरोपी अजमत अली के इतिहास को खंगाला जाये तो वह एक साधारण परिवार से आता था।जहाँ उसके पैतृक संपत्ति भी अधिक नहीं थी वहीँ इतने कम समय में इतना धन अर्जित करना मुमकिन नहीं था । गौरतलब है की पुलिस के बयां के अनुसार साल 1988 में अजमत अली की मानसिक आमदनी 1200 रुपये थी लेकिन कुछ ही वर्षों में वह काले धन से अरबों का एम्पायर खड़ा कर लिया।










