UPSC में भारतीय सांख्यिकी सेवा परीक्षा के नतीजे का ऐलान कर दिया गया है जहां रिटेन परीक्षा-16, 17 व 18 अक्टूबर-2020 व इंटरव्यू 20 जुलाई- 2021 को पूरी की गई थी।
लखनऊ यूनिवर्सिटी के इन छात्रों ने बजाया डंका
LU के कुछ पास आउट छात्रों ने परीक्षा में शानदार प्रदर्शन करते हुए यूनिवर्सिटी का नाम रौशन किया। किसी ने सच ही कहा है अगर जज्बा और सच्ची लगन हो तो मनुष्य किसी भी चीज को प्राप्त कर सकता है।
ये चार छात्र रहे सफल
| नाम | रैंक |
| आंचल जैन | 8 |
| भावना मिश्रा | 13 |
| दिव्यांशू मिश्रा | 14 |
| नितेश कुमार मिश्रा | 17 |
लखनऊ यूनिवर्सिटी की डीन ने किया भास्कर से बातचीत
लखनऊ यूनिवर्सिटी की डीन स्टूडेंट्स वेलफेयर प्रो. पूनम टंडन ने अपने एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में भास्कर को बताया सफलता प्राप्त करने वाले छात्र विश्वविद्यालय के बेस्ट छात्र रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा की लखनऊ विश्व विद्यालय के हर कुछ छात्र इस परीक्षा को पास कर यूनिवर्सिटी का गौरव बड़ते हैं। 6 स्टूडेंट्स ऑल इंडिया रैंकिंग वर्ष 2009 में शामिल रहे थे। ये अच्छी नींव ही है जिससे छात्र बड़ी कामयाबी हासिल कर रहे हैं।
छात्रों का बैकग्राउंड
आंचल जैन, ऑल इंडिया रैंक- 8

लखनऊ यूनिवर्सिटी से पास आउट रहीं ।बहराइच की आंचल जैन ने लखनऊ यूनिवर्सिटी से बायो स्टैटिक्स की पढ़ाई की थी। उनके पिता का नाम श्री अविनाश जैन है और उनकी प्रिंटिंग प्रेस के साथ अपनी दुकान है उनकी माता का नाम श्रीमती मिनाक्षी जैन हैं और वह गृहणी हैं।
भावना मिश्रा- ऑल इंडिया रैंक- 13

तीसरे चांस में हासिल की सफलता
भावना मिश्र ने ऑल इंडिया रैंक 13 प्राप्त किया। उन्होंने अपनी सफलता के श्रेय अपने परिवार के सदस्यों के साथ अपने दोस्तों को भी दिया । उनके अनुसार उनका परिवार उनके साथ हर मोड़ पर खड़ा रहा और सपोर्ट करता रहा। उनके अनुसार मेहनत ही सफलता की एक मात्र कुंजी है।
दिव्यांशू मिश्रा: ऑल इंडिया रैंक- 14

दिव्यांशू के पिता किसान हैं। उन्होंने अपनी बीएससी और एमएससी में सांख्यिकी की पढ़ाई के बाद वह परीक्षा की तैयारियों में जुट गए। परिश्रम लगन दृढ़ निश्चय का पूर्ण उदाहरण दिव्यांशू ने दिया है।
नीतीश कुमार मिश्रा: ऑल इंडिया रैंकिंग- 17

वर्ष 2018 में लखनऊ विश्वविद्यालय से नीतीश मिश्रा ने बीएससी सांख्यिकी की परीक्षा उत्तीर्ण करने बाद कड़ी मेहनत लगन के सहारे सफलता अर्जित की। वह अपनी सफलता का श्रेय अपने माता पिता परिवार जन के साथ यूनिवर्सिटी के सभ शिक्षकों को देते हैं जिन्होंने उनका पूर्ण मार्गदर्शन किया।










