
लखनऊ 30 दिसंबर: साल 2017 में जहां लखनऊ स्वच्छता में 269वें पायदान पर था वहीं अब साल 2020 में 12वें स्थान पर आकार इतिहास रच चुका है। यह बेहद गर्व की बात है की हमारा अपना शहर नई ऊंचाइयों के साथ नई बुलादियों को छू रहा है। हालांकि अभी अभी कई क्षेत्रों पर गौर और उन्हे ठीक करने के दिशा में कदम बढ़ाने की जरूरत है। लेकिन इन सभी चीजों के बीच लंबी सोच और ईमानदार सोच पर योगी सरकार काम करती नजर आ रही है। आंकड़ों के लिहाज से बात करें तो जो लखनऊ साल 2017 में 269वें स्थान पर था अब वह 12वें पायदान पर आ चुका है। इसका सिद्ध अर्थ यह है की सरकार और जनता के सहभागिता के द्वारा लखनऊ ने लंबी छलांग लगाई है।
स्वच्छता सर्वेक्षण 2021
स्वच्छता सर्वेक्षण के अनुसार स्वच्छ भारत मिशन के तहत देश के स्वच्छता सर्वेक्षण में कुल 4000 अधिक शहरों ने भाग लिया जिसमें की उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ का 12 वाँ स्थान आया वहीं दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित कार्यक्रम में लखनऊ की महापौर संयुक्ता भाटिया एवं नगर आयुक्त अजय कुमार द्विवेदी को सम्मानित किया गया एवं लखनऊ को स्वच्छता सर्वेक्षण में 12 वाँ पायदान हासिल हुआ।
गंदगी मुक्त सिटी रेटिंग में लखनऊ को मिला तीसरे स्थान

गौरतलब है की गंदगी मुक्त शहर की श्रेणी में राजधानी लखनऊ को थ्री स्टार रेटिंग दी गई हैं। गौरतलब है की कुल 6000 अंकों में सभी 4000 से अधिक शहरों को मानकों के आधार पर अंक दिए गए। वहीं लखनऊ के नगर निगम को 4586 अंक मिले।
इन मानकों के आधार पर दिए गए नंबर
कितने जगहों को कूड़े से मुक्त करवाया गया।
सेप्टिक टैंक की कितनी सफाइयां करवाई गई।
स्वच्छता का मूल आधार बनाते हुए स्वच्छता ऐप द्वारा कितने शिकायतों का निस्तारण किया गया।
कितने सामुदायिक शौचालय के रखरखाव के लिए कार्य किए गए।
हर घर से कूड़ा एकत्रित हो उसके लिए क्या व्यवस्था की गई।
कूड़ा एकत्र होने वाले वाहनों द्वारा जमा किया कूड़े का निस्तारण किया गया।
स्वीपिंग मशीन से शहरों में कब कब सफाई कराई गई।

स्वच्छ भारत मिशन के तहत स्वच्छता सर्वेक्षण 2021 मैं सभी परिपेक्ष में को ध्यान में रखते हुए अंक वितरित किए गए जिसमें राजधानी लखनऊ बार में पायदान पर आए वही है बतौर नागरिक के सभी के लिए गर्व की बात है कि लक्ष्मण विकास कार्यक्रम बहुत तेजी से हो रहा है वहीं शिलान्यास एवं लोकार्पण के कार्यक्रम भी बड़ी तेज गति से हो रहा है।









