लखनऊ 9 अगस्त : बारा बिरवा चौराहे पर 30 जुलाई को बेहद निंदनीय घटना घटी जहां एक युवती ने कैब ड्राइवर पर बेतहाशा थप्पड़ जड़े। इसके बाद जनमानस का आक्रोश देखा गया वहीं लखनऊ वासियों ने ट्विटर पर हैशटैग अरेस्ट लखनऊ गर्ल वायरल किया । इसके उपरांत सीसीटीवी फुटेज को भी खंगाला गया। इसके बाद पूर्ण जनमानस एक मत से कैब ड्राइवर के पक्ष में आ गए। वहीं एक बार फिर यह मामला शांत होने का नाम नहीं ले रहा।
फोटो ने बढ़ाई मुश्किलें
वही अब एक फोटो जारी हुआ है। जिसने लखनऊ पुलिस की मुश्किलें को और बढ़ा दिया है ।जहां आरोपी थप्पड़ लगाने वाली युवती प्रियदर्शनी को लखनऊ पुलिस मिनरल वाटर के साथ स्नैक्स देते करते हुए नजर आ रही है। वहीं दूसरी ओर जिस दिन वारदात घटी थी उस दिन सआदत अली को पुलिस ने लॉकअप में रखा था।उसके अनुसार उसे खाना नहीं दिया गया था। वही लखनऊ पुलिस पर यह भी आरोप लग रहे हैं युवती को बचाने की हर संभव प्रयास कर रही है।
लखनऊ पुलिस

हालांकि आरोपी महिला है एवं उस कोर्टेसी के नाते और मानवता के अनुरूप लखनऊ पुलिस ने नारी का सम्मान करते हुए उन्हें मिनरल वाटर और स्नैक्स के लिए पूछा। वही अभी युवती पर आरोप सिद्ध नहीं वह पुलिस की तहकीकात जारी है तो आरोपी को अब मुजरिम करार नहीं दे सकते हैं। दूसरी ओर केस की निष्पक्ष जांच हो इसके लिए पहले ही केस को कृष्णागर से हटा दिया गया है। वही महिला होने के नाते उनके साथ उचित व्यवहार करना हर नागरिक के साथ-साथ पुलिस का भी कर्तव्य है।
पब्लिक डोमेन में फोटो आने से बवाल

थप्पड़ बाद युवती के पुलिस स्टेशन के फोटो वायरल हो रहे हैं जहां लोग अपने अलग-अलग विचार कुछ पक्ष में और कुछ कैब ड्राइवर के पक्ष में रख रहे हैं। लेकिन मेजोरिटी का रुझान पीड़ित कैब ड्राइव के प्रति ही है। वहीं कुछ का कहना है कि युवती को वीआईपी ट्रीटमेंट दिया जा रहा है ।अभी तक वह गिरफ्तार क्यों नहीं हुई । वहीं उन्होंने अमानवीय व्यवहार किया एवं उसकी उन्हें कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए। वही दूसरों का कहना है कि युवती महिला है एवं उनके साथ उचित व्यवहार करना ही ठीक होगा जब तक उन्हें मुजरिम करार नहीं दिया जाता। फोटो ने नया वाद विवाद को जन्म दे दिया है।










