
लखनऊ 4 दिसंबर: लखनऊ मेट्रो स्टेशन पर इन दिनों बंदरों का कोहराम जारी है। काफी संख्या में बंदरों ने अपना आशियाना मेट्रो स्टेशन पर बना लिया। राजधानी लखनऊ में बढ़ती ठंड के साथ बंदरों का प्रवेश मेट्रो स्टेशन में अधिक देखा जा रहा है। आलम यह है की मेट्रो स्टेशन अब बंदरों का स्थाई घर बनता जा रहा है। जिसकी वजह से मेट्रो में सफर कर रहे यात्रियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। आए दिन मेट्रो में प्रवेश और निकासी द्वार पर बंदरों का उत्पात की वजह से यात्री बेहद परेशान हैं। जहां ना केवल उनके सामान बल्कि यात्रियों पर भी झपट्टा मारने में बंदर पीछे नहीं हट रहे हैं।
मेट्रो स्टेशन मवैया, भूतनाथ में सबसे अधिक बंदर मचा रहे उत्पात

गौरतलब है की मेट्रो स्टेशन भूतनाथ के प्रवेश द्वार से जैसे ही आप मुख्य द्वार पर पहुंचें आपका स्वागत बंदर करते नजर आएंगे ,जहां झुंड में खाने की ताक में इन बंदरों को छत पर धमाचौकड़ी करते देखे जा सकते हैं। यहीं नहीं यह यात्रियों का सामान पलक झपकते ही छीन कर चंपत भी हो रहे हैं। वहीं छोटे बच्चों को नुकसान पहुंचाने की खबर आई है। आत्मा भैया बादशाह नगर चारबाग दुर्गापुरी में सबसे अधिक प्रकोप।
लंगूर के कट आउट से भी नहीं बन रही बात

गौरतलब है कि लखनऊ मेट्रो प्रशासन ने बंदरों को भगाने के लिए लंगूर के कटआउटस को स्टेशनों के मुख्य द्वार पर लगा दिए हैं जिससे कि समय-समय पर उनके पोजीशन को भी बदला जा रहा है कार्य कार्य करते नहीं हो पा रहा है जहां पर बंदरों को काबू करने के लिए कुछ अलग उपाय अब लखनऊ मेट्रो प्रशासन को लगाने होंगे।
अंगूर के कटआउट एवं आवाज से बंदरों को भगाने की हो रही कोशिश

गौरतलब है कि लंगूर के कटआउटस को मेट्रो स्टेशनों पर सीढ़ियों आदि के पास लगाया गया है वही उसमें वॉइस रिकॉर्डर पर इंस्टॉल की गई है जिससे कि लंगूर की आवाज निकलती है लेकिन यह बहुत हद तक कारगर सिद्ध नहीं हो रहा है जहां बंदरों का झुंड अचानक से यात्रियों का सामान को लेकर चंपत हो रहा है।
जल्द ही वन संरक्षण विभाग कर सकती हैं लखनऊ मेट्रो की मदद
गौरतलब है की बंदरों के उत्पात और यात्रियों के सुविधा के लिए जल्द ही लखनऊ मेट्रो वन्य जीव संरक्षण विभाग की मदद लेकर बंदरों को काबू में करने के लिए मदद ले सकती है। जिसके की यात्रियों और लोगों को बंदरों के उत्पात से मुक्ति मिल सके। लिहाजा फिलहाल बंदरों के उत्पात से बचने के लिए सजग रहे और सतर्क रहें।









