लखनऊ: घिनौना काम करते हुए UP में पकड़े गए दो मौलाना? एटीएस ने खोले सनसनीखेज राज

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लखनऊ।  धर्मान्तरण करने वाले मामले में यूपी एटीएस ने दो मौलानाओं को अपनी गिरफ्त में लिया है। यह रैकेट यूपी के नोएडा में धर्मांतरण करने का घिनौना काम करते थे। गौरतलब है कि यह रैकेट पिछले दो साल से  बेहद सक्रिय थे। इस रैकेट का निशाना मूक-बधिर बच्चों और लाचार और गरीब महिलाओं का धर्म परिवर्तन कराना था।

विदेशों से मिलते थे पैसे!

गौरतलब है कि इस रैकेट को  फंडिंग विदेशों से होती थी जिसके पुख्ता सबूत भी मिले हैं। इस मामलें में उमर गौतम और जहांगीर की गिरफ्तारियां हुई हैं। एटीएस को और भी लोगों के होने की आशंका है ।

पिछले वर्ष कुल इतने लोगों का करवाया गया धर्म परिवर्तन

इस रैकेट के माध्यम से पिछले एक साल में 350 लोगों का धर्मांतरण कराया गया है इसकी पुष्टि यूपी के एडीजी (लॉ एंड ऑर्डर) प्रशांत कुमार ने किया है।

गरीब को बनाते थे निशाना?

18 मूक और बधिर बच्चों का धर्मांतरण कराया गया जो की नॉएडा में थे। गौरतलब है कि पकडे गए उमर गौतम ने लखनऊ और कानपूर के कई छात्रओं का धर्म परिवर्तन करवाया। पिछले दो साल से चल रहे इस रैकेट ने लगभग 1000 लोगों का धर्म परिवर्तन करवा दिया लालच देकर।  पकड़े गए उमर और जहांगीर ने कुबूल की लोगों को  लालच देकर, डरा-धमकाकर  धर्मांतरण कराया जाता है.

आरोपी जहांगीर और उमर ने खोले राज़

Anti-Terror Squad (ATS) recently arrested Umar and jahangir

आरोपी मोहम्मद उमर गौतम और मुफ्ती काजी जहांगीर कासमी दिल्ली के जामिया नगर के निवासी हैं। यूपी ही नहीं बल्कि और भी देशों के लोगों का यह धर्मांतरण करा चुके हैं।  एटीएस ने यूपी के गोमती नगर थाने में इन दोनों आरोपी के खिलाफ  एफआईआर दर्ज कराई है।  एटीएस इन दोनों मौलानाओं से 7 दिन की रिमांड पर लिया है। गौरतलब है कि  मोहम्मद उमर गौतम भी पहले हिंदू धर्म के थे और वह मुस्लिम में धर्मान्तरण किया ।

एटीए ने दर्ज कराई एफआईआर

एटीएस की ओर से दर्ज कराई गई एफआईआर के अनुसार, ये लोगों को नौकरी और पैसे का प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन करने का कार्य कर रहे थे। इस रैकेट का निशाना कमजोर वर्गों, बच्चों, महिलाओं और मूक बधिरों का धर्म परिवर्तन कराने से रहता था।

गरीब हिंदुओं को बन रहे थे निशाना?

गरीब हिंदुओं को निशाना बनाकर उन्हें धर्म बदलने को मजबूर होते थे।  ये दोनों मौलाना ज्यादा तर ताक में रहते थे की कहाँ उन्हें  मूक बधिर और गरीब महिलाओं मिले जिसे वह अपने शिकंजे में फंसाते थे। नोएडा के एक मूक बधिर स्कूल के कुल डेढ़ दर्जन बच्चों का भी धर्म परिवर्तन करवा चुके हैं. इसका अर्थ यह है कि स्कूल के अंदर भी इनकी साठ गांठ चलती है।

धर्मगुरु मौलाना सैफ अब्बास की राय

लखनऊ के शिया धर्मगुरु मौलाना सैफ अब्बास का कहना हैं, “जबरन धर्म परिवर्तन करना या करवाना इस्लाम के सख्त खिलाफ है।
साल  2022  में होने वाले यूपी चुनाव के नितेजे प्रभावित करने के लिए तो यह नहीं किया जा रहा । ये सब सवालों के उत्तर आने बांकी हैं। इस्लाम में किसी भी नाजायज तरीके से धर्म का बदलाव कराना बेहद गलत है और इनकी मनाही है।

लखनऊ से भी जुड़े हैं तार

जाँच में यह भी यह भी सामने आया है कि मलिहाबाद के रहमानखेड़े में अल हसन एजुकेशन एंड वेलफेयर फाउंडेशन का उमर गौतम उपाध्यक्ष भी है। आपको बता दें कि इस फाउंडेशन के द्वरा संचालित एक स्कूल में कुल 500 से अधिक विद्यार्थी पढ़ते हैं। उसके अलावा इस संस्था के द्वरा हरदोई में भी स्कूल चलाई जाती है। अब एटीएस इन संस्थाओं के बारे में भी जानकारियां हॉसिल करने में जुटी हैं।

एटीएस की जानकारी में यह भी सामने आया है कि उमर गौतम ने पिछले बर्ष फरवरी में अलीगंज इलाके की छात्रा प्रियंका सेन का धर्म परिवर्तन करवाया था वहीँ साल 2012 में तेलीबाग में रहने वाली छात्रा चंद्रकला को भी इस्लाम कुबूल करवाया था।अब एटीएस टीम लखनऊ के साथ ही साथ दिल्ली समेत 7 राज्यों में इस रैकेट से जुड़ी गतिविधियों की जाँच में जुटी हैं।

हालाकिं उमर  गौतम और जहाँगीर की गिरफ़्तारी व रिमांड पर भेजे जाने पर सोशल मीडिया पर उनकी रिहाई की मांग भी तेज हो गयी है।जमात-ए-इस्लामी हिंद (JIH) ने मौलाना उमर गौतम और मुफ्ती काजी जहांगीर की गिरफ्तारी की कड़ी निंदा की है।

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