कांग्रेस महासचिव व उत्तर प्रदेश के प्रभारी प्रियंका गांधी वाड्रा 16 तारीख को उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ आ रही है । 2019 के बाद यह पहला मौका होगा जब यूपी प्रभारी प्रियंका गांधी वाड्रा लखनऊ आएंगी। गौरतलब है कि विधानसभा चुनाव के पहले सियासी दांवपेच एवं समीकरण को देखते हुए प्रियंका गांधी वाड्रा का लखनऊ में आना सियासी हलचल पैदा करेगा।
महंगाई पर सरकार से एक सीधा सवाल
‘आप इधर-उधर की बात न करें, ये बताएं कि ये लूट बंद कब होगी।’
रसोई का बजट, खेत की लागत, ढुलाई का खर्च बढ़ने से समाज का हर वर्ग परेशान है और जनता को राहत मिलने तक कांग्रेस पार्टी का सड़कों पर संघर्ष जारी रहेगा।#महंगे_दिन pic.twitter.com/KS3xbcGNAw
— Priyanka Gandhi Vadra (@priyankagandhi) July 13, 2021
गौरतलब है कि अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले खुद प्रियंका गांधी वाड्रा कैंपेन को लीड करेंगे लखनऊ में 17 तारीख को महंगाई के विरोध में प्रदर्शन में बढ़ चढ़कर हिस्सा बनेंगी ।
विधानसभा के चुनाव को देखते हुए वह कार्यकर्ताओं को कार्यकर्ताओं के बीच पहुंचकर उनके मनोबल को बढ़ाने का काम करेंगे । इस साल कांग्रेस का पूरा चुनाव प्रियंका के चेहरे पर लड़ने की तैयारी करेंगे यहां पार्टी कार्यालय में तैयार होने वाली पोस्टरों में भी राहुल एवं सोनिया गांधी की तस्वीर नहीं देखी जा रही है। गौरतलब है कि यह चुनावी रणनीति का हिस्सा हो सकती है ।
विधानसभा चुनाव से पहले सभी सियासी ताकते अपने अपने खेमें में गठबंधन की रननीति आजमाती दिख रही हैं। जहाँ अखिलेश यादव, ओवैसी हो या बसपा सुप्रीमो मायावती सभी विपक्ष पर कड़े प्रहार करने में जुटे हुए हैं।
जहां एक और अनुप्रिया पटेल को मंत्री बनाकर एक बार फिर बीजेपी ने पूर्वांचल में अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिश की है वही संजय निषाद नाखुश चल रहे हैं एवं दूसरी पार्टियों भी उन्हें मनाने में जुटी है। उधर महंगाई व पंचायती चुनाव के दौरान हुई धांधली आदि जैसे विषयों को लेकर समाजवादी पार्टी भी मैदान पर उतर चुकी है।










