लखनऊ में आए दिन जहां कार एक्सीडेंट के केस देखने मिल रहे हैं। वहीं मुंशी पुलिया में ट्रैफिक पुलिस के पद पर तैनात श्री मुरली लाल यादव की 14 अगस्त को जान बाल बाल बची ।जब आरोपी को कार रोकने के निर्देश दिए जानें पर वह कार को सीधा ट्रैफिक पुलिस के ऊपर चढ़ा दिया और 150 मीटर के करीब उनको घसीटा। गनीमत यह रही की कार के बोनट पर ट्रैफिक इंस्पेक्टर ने कस के पकड़ बनाई हुई थी जिससे वह कार के नीचे नहीं आए। हालांकि उन्हें काफी चोट आई है।
मुंशी पुलिया का हिट एंड रन केस
सुबह 14 अगस्त की घटना है जब ट्रैफिक पुलिस मुरली लाल यादव मुंशी पुलिया पर यातायात की गतिविधियां देख रहे थे। अचानक उन्हें किसी कॉलर का फोन आता है की कोई बड़ी तेज बुलेरों मुंशी पुलिया पर फर्राटे भर रही है। इसपर तुरंत मौके पर तैनैत मुरली लाल यादव जी ने एक्शन लिया और सामन से आ रही बुलेरो को रोका। बुलेरो ड्राइवर ने बीच सड़क गाड़ी रोक दी लेकिन वह साइड आने को तैयार नहीं हुआ। अचानक से कार को ट्रैफिक पुलिस की तरफ घूम दी। मुरली लाल को कार घसीटते हुई 150 मीटर तक ले गई।
तुरंत की गई कार्यवाही
मुरली लाल ने गाड़ी से कूद कर अपनी जान बचाई। इसके बाद उन्हे कमर और पांव में चोट आई। पुलिस कर्मी ने पास के हॉस्पिटल में भर्ती करवाया जहां प्राथमिक चिकित्सा के बाद उनकी छुट्टी कर दी गई । इसके उपरांत उन्होंने पास के थाना क्षेत्र इंद्रानगर जा कर अपनी रिपोर्ट दर्ज करवाई। जहां आरटीओ में पता कर के गाड़ी के मालिक को इसकी सूचना दे दी गई है तथा गाड़ी के ड्राइवर को ढूंढा जा रहा है। गाड़ी के मालिक का नाम अमर सिंह इंद्रानगर निवासी बताया जा रहा है। वहीं गाड़ी संख्या यूपी 32एफ5105 है।










