लखनऊ 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस की शुभ अवसर पर लखनऊ के जेलों में बंद कैदियों और उनके परिवारों के लिए बेहद खुशी की खबर आ रही है ।जहां अब डेढ़ साल बाद लखनऊ में बंद सजा काट रहे कैदी अब अपने परिवार से मिल सकेंगे जिस की आधिकारिक पुष्टि कर दी गई है। कोरोनावायरस महामारी को देखते हुए मिलने मिलाने की प्रक्रिया को जेल में बंद किया गया था। गौरतलब है कि अविनाश कुमार अवस्थी अपर मुख्य सचिव उत्तर प्रदेश शासन ने कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवाओं को पत्र लिखकर इसकी जानकारी देते हुए उन्हें अवगत कराया उत्तर प्रदेश की कारागार में बंदियों को उनके परिजनों से मुलाकात कराए जाने के संबंध में पत्र जारी किया गया जहां 16 अगस्त से अपने परिजनों से मिल पाएंगे।
इन नियमों के साथ कारागार में बंद कैदी अपने परिजनों से मिल पाएंगे

- वर्तमान समय में परिस्थितियों में मुलाकात की संख्या में मुलाकात करने वाले व्यक्तियों की संख्या को निर्धारित करते हुए बंदियों को अपने परिजनों से सप्ताह में मात्र 1 दिन अधिकतम दो व्यक्तियों के साथ मुलाकात करने की सुविधा मान्य की जायेगी।
- मुलाकात करते हुए पूर्ण संत रमन से बचाव हेतु समय सावधानियों का यथोचित पालन किया जाएगा सामाजिक दूरी बनाई जाएगी मुलाकात के समय थर्मल स्कैनिंग सैनिटाइजेशन एवं फेस मास्क का प्रयोग अनिवार्य होगा।
- मुलाकात के उपरांत बंदियों को भी कारागार में अपनी बैरक में जाने से पूर्व सेनीटाइज किया जाएगा किया जाएगा।
- बंदियों से मिलने आने वाले प्रत्येक व्यक्ति के पास 72 घंटे के अंतर की RT-PCR रिपोर्ट होना अनिवार्य होगा।
- गौरतलब है डेढ़ साल से कोरोना वायरस वजह से कोई भी कारागार में बंद कैदी अपने प्रियजनों एवं परिवार से नहीं मिल पाया था ।वहीं डेढ़ साल के बाद अनलॉक की प्रक्रिया फिर से शुरू हो गई है। जेलों में इसके तहत खुशी की खबर यह है इधर साल के बाद अब जेल में कैद कैदी अपने परिवार जनों से मिलकर कुशल क्षेम जान पाएंगे।










