
लखनऊ : भारतीय रेलवे आईआरसीटीसी को अपने यात्रियों को ट्रेन लेट होने पर लौटाने होंगे ₹450000 कुल 2135 यात्रियों को करीब साढे चार लाख हर्जाना आईआरसीटीसी को भरना होगा।
देश की पहली निजी ट्रेन तेजस एक्सप्रेस में प्रावधान है कि अगर ट्रेन 1 घंटे लेट होती है तो उसे अपने यात्रियों को ₹100 हर्जाने के रूप में देना होगा, वहीं अगर तेजस एक्सप्रेस 2 घंटे या उससे अधिक लेट होती है तो तेजस एक्सप्रेस अपने यात्रियों को ₹250 बतौर हर्जाना देगी। गौरतलब है कि लखनऊ से दिल्ली और दिल्ली से लखनऊ रूट पर तेजस एक्सप्रेस ढाई घंटे लेट चली, जिसकी वजह से उसे 4.50 लाख रुपए का हर्जाना अब अपने यात्रियों को देना होगा।
पहली भारतीय निजी ट्रेन जिसमें मिलेंगे हर्जाना

भारत में कोई भी ऐसी ट्रेन नहीं है जिसमें ट्रेन लेट होने पर यात्रियों को उसके एवज में मुआवजा दिया जाए। वही तेजस एक्सप्रेस पहली ऐसी निजी ट्रेन है जिसमें यात्रियों के समय का ध्यान रखते हुए उनके समय की मूल्यों को पहचानते हुए लेट होने पर हर्जाने के रूप में दिया जा रहा है।
दिल्ली में सिंगल खराब होने की वजह से गाड़ी हुई लेट
गौरतलब है कि लखनऊ से नई दिल्ली जाने वाली तेजस एक्सप्रेस शनिवार को लखनऊ जंक्शन से तय समय पर 6:00 बज कर10 मिनट पर रवाना हुई ।बारिश की वजह से दिल्ली स्टेशन यार्ड में पानी भरने से ऑटोमेटिक सिग्नल खराब हो गया ।जिसकी वजह से ट्रेन निर्धारित समय से ढाई घंटे विलंब से पहुंची विलंब से पहुंचने के साथी ट्रेन में बैठे सभी पैसेंजर रोको ढाई सौ के हिसाब से हर्जाना आवंटित किया जाएगा।
2 साल में पहला मामला जब तेजस एक्सप्रेस हुई है लेट
हालांकि अक्सर यह देखा गया है कि तेजस एक्सप्रेस लेट नहीं हुई है वहीं 2 साल में यह पहला मामला हुआ है जब किसी तकनीकी वजह से तेजस एक्सप्रेस लेट हुई है वहीं बारिश की वजह से दिल्ली स्टेशन पर ऑटोमेटिक सिंगल जाम होने की वजह से ट्रेन ढाई घंटे विलंब से पहुंची।









