लखनऊ 19 अगस्त : उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में 30 जुलाई को कृष्णानगर क्षेत्र मै हुए थप्पड़ कांड में हर दिन नई दलील और स्टोरी सामने आने का सिलसिला नहीं थम। जहां एक बार फिर आरोपी लड़की प्रियदर्शिनी यादव ने पत्रकारों को दिए बयान में दावा किया की उन्हे कुछ लोग 6 महीने से स्टॉक कर रहे हैं और शायद ये एक तरफा प्यार भी हो सकता है और यह भी हो सकता है की कोई मुझे मेरी मर्जी के बिना हासिल करना चाहता हो।
मीडिया से बातचीत के दौरान युवती प्रियदर्शिनी यादव ने कहा की इस विवाद को यही रोकना ठीक होगा। मैं इस विवाद को बढ़ाना कतई नहीं चाहती। युवती के अनुसार कैब ड्राइवर को पैचअप करना चाहिए लेकिन अगर वह समझौता नहीं करता तो कोर्ट में उसकी हार निश्चित है और वह उनका और कोर्ट का समय जाया ना करें तो इसमें ही सबकी भलाई है अगर कोर्ट में केस जाता है तो पिछले 6 महीने की सीसीटीवी फुटेज जज के सामने पेश करेंगी. जहां पे साफ दिखाई देगा की मुझे पिछले 6 महीने से लोग प्रताड़ित कर रहे हैं।
युवती ने आज तक को इंटरव्यू देते हुए यह साफ किया मैं झुकती नहीं हूं लेकिन मैं केस में समझौता करने के लिए तैयार हूं। अगर कैब ड्राइवर फिर फिर कैसे लगेगा तो मैं केस लड़ूगी और उनको केस हरा दूंगी ।
प्रियदर्शनी यादव ने कहा कि अगर पुलिस को अपने काम का ज्ञान होता और वह काम ठीक और सुचारू रूप से करती तो मुझे कैब ड्राइवर की पिटाई करने की जरूरत नहीं पड़ती, पुलिस ने और कानून ने अपना काम ठीक ढंग से नहीं किया और मुझे कानून को हाथ में लेकर थप्पड़ चलाना पड़ा। क्योंकि अगर मैं ऐसा नहीं करती तो कैब ड्राइवर मेरे ऊपर गाड़ी चढ़ा देता ।
प्रियदर्शिनी यादव ने यह भी कहा की पुलिस की चाहिए की जो उनके पीछा 6 महीने से कर रहा है उन्हे वो पकड़े। युवती ने कहा कि एक तरफा प्यार भी हो सकता है कि कोई मुझे जबरदस्ती हासिल करना चाहता हो।
कैब ड्राइवर के आरोपों पर युवती ने कहा कि लूट का आरोप झूठा लगाया गया । उसका कोई भी सुबूत नहीं है उनके पास क्योंकि सच ये है की विश्व विद्यालय में टीचर रह चुकी हूं और वहां मुझे सिखाया गया है की चोरी कभी नहीं करनी है। उन्होंने यह भी कहा की बात आगे बढ़ेगी तो वह पिछले 6 महीने के सीसीटीवी फुटेज को निकलवाकर जज को दिखेंगी। ऐसे में आप अब इस मामले में क्या राय देंगे कमेंट कर के बताए ।










