
अदब के शहर लखनऊ को न जाने किसकी नजर लगी है। पहले थप्पड़ बाज युवती प्रियदर्शनी ने सुर्खियां बटोरी ।वहीं अब चारबाग मेट्रो स्टेशन पर एक युवक ने ताबड़तोड़ थप्पड़ जड़ तक सनसनी फैला दी है। जहां अभी थप्पड़ बाज प्रियदर्शनी और पीड़ित शहादत अली का केस खत्म हुआ था कि लखनऊ के शहर ने दूसरी थप्पड़ कांड की गूंज गूंजने लगी है।
मेट्रो स्टेशन पर हुआ थप्पड़ कांड पार्ट 2
घटना लखनऊ के चारबाग के मेट्रो स्टेशन की है जहां युवक ने भरे भीड़ में युवती को ताबड़तोड़ थप्पड़ बरसाए। जल्दी मदद की गुहार लगाती रही लेकिन लोग मूकदर्शक बने मोबाइल से वीडियो बनाते रहे। पहले बार प्रदर्शनी के मामले में पुलिस को काफी आलोचना का सामना करना पड़ा था वहीं इस बार पुलिस ने मौके की नजाकत को समझते हुए युवक को हिरासत में ले लिया है।
मदद की गुहार लगाती रही युवती
Video Viral: लखनऊ की थप्पड़ गर्ल और चप्पल वाली महिला के बाद लात-घूसों वाला युवक, चारबाग मेट्रो स्टेशन पर युवती को जमकर पीटा, लड़की पर छेड़ने का लगाया आरोप@raafiyanaz @anuragupta06@JagranNews pic.twitter.com/NbSmdrx4ll
— Saurabh shukla (@CsSaurabhshukla) September 14, 2021
वायरल वीडियो में युवक युवती को ताबड़तोड़ थप्पड़ लगा रहा है। वहीं युवती आसपास खड़े महिलाएं पुरुष एवं मेट्रो के अन्य लोगों के सामने बचाने की भीख मांग रही है ।दूसरी ओर युवक के खिलाफ कोई भी व्यक्ति युवती को छुड़ाने की कोशिश भी करता नजर नहीं आ रहा है। एक बार फिट शर्मशार हुआ लखनऊ। क्या यह इसलिए हुआ क्योंकि प्रियदर्शनी के मामले में हमेशा पुरुष को ही दोष दिया गया था, या अब मानवीय चेहरा लखनऊ में बचा ही नहीं।
एक युवक ने हिम्मत जुटाकर किया युवती का मदद

इस घटना को देखते हुए पास से गुजर रहे एक युवक को युवती पर दया आ गई, जहां मारने वाला युवक जिसका नाम उज्जवल हांडा था उसकी चपेट से युवती को निकाला । युवक वहां से युवती की पिटाई करने के बाद चलता बना ।
पुलिस ने मारने वाले युवक को पकड़ा
युवक जिसने युवती की ताबड़तोड़ पिटाई की थी उसे नाका के पुलिस ऑफिसर मनोज मिश्र ने पकड़ा। युवक का नाम उज्जवल बताया जा रहा है। उज्जवल ने बताया कि युवती ने अभद्र टिप्पणी की और विरोध करने में उन्हे गंदे गलियां दी। इसके उपरांत उन्होंने यह किया। वहीं उज्जवल को शांति भंग के आरोप में पुलिस ने हिरासत में लिया वहीं युवती की तलाश भी जारी है। हर तरफ एक सवाल है की हम कानून अपने हाथ में क्यों लेते हैं और पता नहीं कितने थप्पड़ कांड की गवाह यह अदब का शहर लखनऊ बनेगा ।









